आधार कार्ड पर 3 लाख लोन का दावा फर्जी, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा नया स्कैम

नई दिल्ली, 16 अप्रैल, 2026 (वेब वार्ता)। सोशल मीडिया मंचों पर इन दिनों एक नए तरह का वित्तीय धोखाधड़ी का मामला तेजी से फैल रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि आधार कार्ड के जरिए 3 लाख रुपये तक का तत्काल ऋण मिल सकता है। जांच में यह दावा पूरी तरह फर्जी पाया गया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा भ्रम

यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे मंचों पर ऐसे वीडियो और संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनमें कथित ‘प्रधानमंत्री ऋण योजना’ के नाम पर लोगों को आकर्षित किया जा रहा है। इन संदेशों में दावा किया जाता है कि केवल आधार कार्ड के आधार पर 3 लाख रुपये तक का ऋण तुरंत उपलब्ध कराया जाएगा।

पहले मांगी जाती है रकम

इस धोखाधड़ी के तहत लोगों को यह भी बताया जाता है कि ऋण प्राप्त करने से पहले एक छोटी राशि जमा करनी होगी। इसे प्रसंस्करण शुल्क या बीमा शुल्क के रूप में लिया जाता है। जैसे ही व्यक्ति राशि जमा करता है, ठग उससे संपर्क तोड़ लेते हैं।

सरकार की तथ्य-जांच इकाइयों ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की कोई भी आधिकारिक योजना मौजूद नहीं है।

ऐसे रहें सुरक्षित

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के प्रलोभनों से बचना बेहद जरूरी है।

  • किसी भी तत्काल ऋण के दावे पर बिना जांच भरोसा न करें
  • आधार या बैंक से जुड़ी जानकारी साझा करने से बचें
  • सरकारी योजनाओं की जानकारी केवल आधिकारिक स्रोतों से ही लें
  • यदि कोई पहले पैसे जमा करने को कहे, तो सतर्क हो जाएं
  • अनजान लिंक या अनुप्रयोग डाउनलोड करने से बचें

वास्तविक योजना क्या है

सरकार की प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन यह सीधे आधार कार्ड के आधार पर नहीं दिया जाता। इसके लिए बैंक या वित्तीय संस्थान के माध्यम से आवेदन करना होता है।

इस प्रक्रिया में आवेदक के दस्तावेज, पात्रता और ऋण क्षमता की जांच की जाती है, जिसके बाद ही ऋण स्वीकृत किया जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल युग में इस प्रकार के फर्जी दावों से बचने के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।

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