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अयोध्या से हाथरस तक विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया अध्याय

— कांतिलाल मंडोत — Kantilal Mandot

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस, सिकंदराराऊ और सादाबाद विधानसभा क्षेत्रों में 548 करोड़ रुपये की लागत वाली 143 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के अवसर पर राज्य सरकार की विकास नीतियों, कानून व्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी। इस अवसर पर उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि जो लोग आज अयोध्या को विश्वस्तरीय धार्मिक नगरी बनाने की बात करते हैं, उन्हें पहले अपने शासनकाल का इतिहास देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस सरकार के कार्यकाल में रामभक्तों पर गोलियां चलीं, वह आज अयोध्या के विकास पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं रखती। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या केवल एक धार्मिक नगरी नहीं रही, बल्कि वह पूरी दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुकी है। उन्होंने कहा कि रामभक्तों के समर्पण और सरकार की योजनाबद्ध पहल के कारण अयोध्या आज अपने प्राचीन गौरव को पुनः प्राप्त कर रही है और त्रेतायुग की स्मृतियों को आधुनिक विकास के साथ साकार कर रही है।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेता अखिलेश यादव से कहा कि उन्हें अयोध्या की चिंता करने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए और एक बार रामलला के दर्शन कर अपने अतीत के निर्णयों पर पश्चाताप करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समाजवादी पार्टी वास्तव में धार्मिक आस्था का सम्मान करती है, तो उसे श्रीकृष्ण जन्मभूमि के विषय पर भी स्पष्ट और खुलकर अपनी राय जनता के सामने रखनी चाहिए। उनके अनुसार धार्मिक आस्था का सम्मान केवल चुनावी राजनीति का विषय नहीं, बल्कि समाज की सांस्कृतिक पहचान और विरासत का प्रश्न है।

योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में वर्ष 2017 से पहले और उसके बाद के उत्तर प्रदेश की तुलना करते हुए कहा कि पहले राज्य की पहचान दंगों, कर्फ्यू और माफिया राज से होती थी। उन्होंने कहा कि मथुरा, मेरठ, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर सहित अनेक जिलों में बार-बार दंगे होते थे, जिससे व्यापार, उद्योग, निवेश और रोजगार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता था। प्रदेश की छवि देश और दुनिया में खराब होती थी और आम नागरिक भय के वातावरण में जीवन बिताने को मजबूर थे। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में सरकार की सख्त कानून व्यवस्था और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के कारण उत्तर प्रदेश पूरी तरह बदल चुका है और आज राज्य विकास तथा सुशासन का उदाहरण बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश का युवा दूसरे राज्यों में अपनी पहचान छिपाने के लिए मजबूर नहीं है, बल्कि उसे अपने प्रदेश पर गर्व है। अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण प्रदेश दंगा मुक्त, कर्फ्यू मुक्त और माफिया मुक्त बन चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कानून व्यवस्था को मजबूत बनाकर निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है, जिसका सीधा लाभ उद्योग, व्यापार और रोजगार के क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में मोहर्रम के दौरान हजारों जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकले और कहीं भी दंगा, उपद्रव या कर्फ्यू जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। सरकार ने ताजियों की ऊंचाई और सुरक्षा को लेकर ऐसी व्यवस्थाएं कीं, जिससे हाईटेंशन लाइनों और आम नागरिकों की संपत्ति को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार सभी धार्मिक आयोजनों को सुरक्षा और अनुशासन के साथ संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

हाथरस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृति पत्र, आयुष्मान कार्ड, स्मार्टफोन और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत स्वीकृति पत्र तथा आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए। उन्होंने विभागीय प्रदर्शनियों का अवलोकन किया और एक छोटी बच्ची को गोद में लेकर उसे चम्मच से दूध पिलाया, जिससे कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के बीच आत्मीयता का संदेश भी गया। इस अवसर पर सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि, विधायक अंजुला सिंह माहौर, विधायक वीरेंद्र सिंह राणा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने हाथरस जिले में 22 से अधिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण कराया है। उनका कहना था कि सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है, क्योंकि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र और संविधान की सबसे बड़ी हत्या 25 जून 1975 को आपातकाल लागू करके की गई थी। उस समय लोकतंत्र की आवाज उठाने वाले अनेक नेताओं और कार्यकर्ताओं को जेल में डाल दिया गया था और नागरिक अधिकारों का दमन किया गया था। उन्होंने कहा कि देश की जनता उस दौर को कभी नहीं भूल सकती और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

योगी आदित्यनाथ ने हाथरस के औद्योगिक विकास पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मजबूत कानून व्यवस्था और बेहतर आधारभूत संरचना के कारण निवेशकों का विश्वास बढ़ा है और हाथरस में औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। उन्होंने बताया कि मथुरा-बरेली फोरलेन परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में उद्योगों का विस्तार होगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी और किसानों तथा उद्यमियों दोनों को लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने हाथरस के आलू उत्पादक किसानों के हितों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार यहां प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित करेगी, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और कृषि आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि कोसी में पहले से ही प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित किया जा चुका है, जबकि आगरा में इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर और वाराणसी में इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना को भी मंजूरी मिल चुकी है। इन संस्थानों से कृषि अनुसंधान, आधुनिक तकनीक और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार बिना किसी भेदभाव के पात्रता के आधार पर प्रत्येक जरूरतमंद तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान, मुफ्त राशन, शौचालय, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन और त्योहारों पर मुफ्त गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को सम्मानजनक जीवन और विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि विकास की योजनाएं किसी जाति, धर्म या वर्ग के आधार पर नहीं, बल्कि पात्रता और आवश्यकता के आधार पर लागू की जा रही हैं।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज विकास, सुरक्षा, सांस्कृतिक गौरव और सुशासन के नए युग में प्रवेश कर चुका है। अयोध्या का वैश्विक धार्मिक केंद्र के रूप में उभरना, हाथरस में विकास परियोजनाओं का विस्तार, मजबूत कानून व्यवस्था, किसानों और युवाओं के लिए नई योजनाएं तथा गरीबों के कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाएं इस परिवर्तन की स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार इसी प्रकार विकास और जनसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाती रहेगी, ताकि उत्तर प्रदेश देश के सबसे विकसित और समृद्ध राज्यों में अपनी पहचान और अधिक मजबूत कर सके।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार एवं स्तंभकार हैं।)

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