इस अवसर पर जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पुष्पहार पहनाकर उनका स्वागत किया। साथ ही उन्हें स्मृति चिह्न और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में जिला जज अमित पाल सिंह ने अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए बार और बेंच के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्यायिक अधिकारी बनने से पहले प्रत्येक न्यायिक अधिकारी अधिवक्ता होता है। अधिवक्ता के रूप में प्राप्त अनुभव न्यायिक दायित्वों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।उन्होंने अधिवक्ताओं से न्याय व्यवस्था को प्रभावी बनाने और वादकारियों को समय पर न्याय दिलाने के उद्देश्य से मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की मौजूदगी के बीच न्यायिक कार्यों में आपसी सहयोग तथा बेहतर तालमेल का संदेश दिया गया।स्वागत समारोह में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी अनिल पाल सिंह और महासचिव गोपाल कृष्ण ने जिला जज अमित पाल सिंह का स्वागत किया। उन्हें स्मृति चिह्न और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने जिला जज के प्रथम आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त की।समारोह में न्यायिक अधिकारी अनिल कुमार, जितेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार, अरुण कुमार, राकेश कुमार गौतम और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्वेता चौधरी सहित अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।इसके अलावा पूर्व डीजीसी अजय कुमार गुप्ता, पूर्व महासचिव सरदार प्रकाशवीर सिंह, हरसहाय, जयवीर सिंह, ठाकुर सोमपाल सिंह, ललित अरोड़ा, लक्ष्मण सिंह, हरस्वरूप सिंह, ध्रुव सक्सेना, संजीव तिवारी, अनुराग सिंह, गुंजन सक्सेना, मुकेश शर्मा, राघिनी ठाकुर, भीकम सिंह सैनी, एचएन चौबे, पंकज शर्मा, दीपक शर्मा, अशोक कुमार सक्सेना, वीरेंद्र सिंह चौहान, रवि वर्मा, सत्यपाल सिंह, धर्मेंद्र कुमार, शेर सिंह बौद्ध, मुकेश कुमार, संजीव सक्सेना, चौधरी पाल सिंह और आशीष कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी अनिल पाल सिंह ने की, जबकि संचालन महासचिव गोपाल कृष्ण ने किया। समारोह में बार और बेंच के बीच बेहतर तालमेल, आपसी सहयोग और वादकारियों के हितों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।




