अब घर बैठे मिलेगा मेडिकल रीइंबर्समेंट, “जनहित स्वास्थ्य पोर्टल” शुरू
– मेडिकल क्लेम के लिए नहीं काटने होंगे दफ्तरों के चक्कर, 45 दिन में होगा भुगतान
– पारदर्शिता की नई पहल जनहित स्वास्थ्य पोर्टल से रुकेगी कमीशनबाजी
– एसजीपीजीआई और एम्स की दरों पर होगा मेडिकल भुगतान
– ईएचआरएमएस कोड डालते ही दर्ज होगा ब्योरा, ऑनलाइन होगा रीइंबर्समेंट
हरी शंकर शर्मा
कानपुर। अब राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए उ.प्र. सरकार ने एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से कर्मचारियों और पेंशनरों को अपने मेडिकल रीइंबर्समेंट (मेडिकल प्रतिपूर्ति) के दावों के लिए अब विभागीय कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़गें बल्कि वे घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकार द्वारा जनहित स्वास्थ्य पोर्टल को उत्तर प्रदेश सरकार ने शुरू कर दिया है, जिससे अब मेडिकल भुगतान करने में पूरी तरह पार्दिशता रहेगी।
जीएसवीएम मेडिकल कालेज से सम्बंद्ध एलएलआर (हैलट) के प्रमुख अधीक्षक डॉ सौरभ अग्रवाल ने बताया कि उ.प्र. सरकार द्वारा जनहित स्वास्थ्य पोर्टल को शुरू किया गया है। यह पोर्टल सितम्बर माह से शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा प्रतिपूर्ति (मेडिकल रीइंबर्समेंट) की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाना है।
इस पोर्टल की मुख्य विशेषताएँ है कि कोई भी सरकारी कर्मचारियों व पेंशनरं अपने मेडिकल रीइंबर्समेंट के दावों के लिए अब उसे विभाग के चक्कर नही काटने पडेंगे, बल्कि वे घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए पोर्टल पर जाकर कर्मचारी को आईडी बना कर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था के तहत चिकित्सा प्रतिपूर्ति के दावों का भुगतान निर्धारित 45 कार्यदिवस के भीतर किए जाने का प्रावधान किया गया है। इस काम के लिए पैथालॉजी विभाग के प्रो. डॉ सुमनलता को नेाडल नामित किया गया है, जो पोर्टल पर अपलोड डाटा की जांच करेंगी और उसके बादएसजीपीजीआई और एम्स की निर्धारित दरों के आधार पर देय धनराशि का भुगतान किया जायेगा। मानव संपदा पर ईएचआरएमएस कोड का उपयोग करते ही कर्मचारियों का विवरण पोर्टल पर स्वतः प्रदर्शित हो जायेगा। इस पोर्टल के शुरू होने से अब कर्मचारियों से कमीशनबाजी पर भी अंकुश लगेगा।
सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए राहतः

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