लक्ष्मीकान्त पाठक
हरदोई। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, बिलग्राम में गुरुवार को विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर एसिड अटैक पीड़ितों के पुनर्वास, आपदा राहत, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न, बच्चों के कानूनी अधिकार और बाल विवाह निषेध अधिनियम-2006 की जानकारी दी गई।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरदोई की अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश रीता कौशिक तथा प्रभारी सचिव स्मिता गोस्वामी के निर्देशन में शिविर का आयोजन हुआ। तहसील विधिक सेवा समिति, बिलग्राम के सचिव एवं तहसीलदार दीपक गौतम के निर्देश पर तहसील प्रशासनिक अधिकारी साधना सिंह और प्रधानाचार्य नीलू शर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
तहसील प्रशासनिक अधिकारी साधना सिंह ने एसिड अटैक पीड़ितों के लिए निःशुल्क चिकित्सा, मुआवजा और पुनर्वास संबंधी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने आपदा प्रबंधन के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
प्रधानाचार्य नीलू शर्मा ने कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए महिलाओं की सुरक्षा, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और कानूनी अधिकारों के बारे में बताया।
लीगल एड क्लीनिक के आशीष तिवारी ने बच्चों के कानूनी अधिकारों और बाल विवाह निषेध अधिनियम-2006 पर जानकारी दी। वहीं, पीएलवी प्रमोद कुमार कुशवाहा ने निःशुल्क विधिक सहायता, नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 और राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व से अवगत कराया।
शिविर में विद्यालय के शिक्षक-कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
बिलग्राम में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन,छात्राओं को बताए सुरक्षा और अधिकारों के कानून

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