मुरादाबाद (वेब वार्ता)

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करो – एसआईआर पर रोक लगाओ एवं अवैध रूप से काटे गये लोगों के वोट बहाल करो, आदि नारों के साथ जिला मुरादाबाद के मजदूरों, किसानों और खेत मजदूरों के जनसंगठनों के तमाम कार्यकर्ताओं द्वारा स्थानीय डॉ अंबेडकर पार्क सिविल लाइन से कचहरी जिलाधिकारी कार्यालय तक शांति मार्च का आयोजन किया गया और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सोपा गया।
कहा गया कि भारत के चुनाव आयोग द्वारा की जा रही निर्वाचन एवं मताधिकार संबंधी अनेक कार्रवाइयों, जिनमें SIR की कार्यवाही प्रमुख है, पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। जिनसे मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में निर्वाचन आयोग के कामकाज के तरीके संदेह के घेरे में है।
यह सवाल केवल मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तक सीमित नहीं हैं। इनसे भारत के निर्वाचन आयोग के कामकाज और उसकी विश्वसनीयता को लेकर भी गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं, जो मुख्य चुनाव आयुक्त के पद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं क्योंकि ज्ञानेश कुमार के काम करने के तरीके से इस पद की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। जो निर्वाचन आयोग की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली तथा सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के बुनियादी लोकतांत्रिक सिद्धांत की रक्षा से जुड़ा हुआ है। निश्चित रूप से ज्ञानेश कुमार की एकाधिकार, अपारदर्शी और केंद्रीकृत नियंत्रण वाली प्रक्रियाओं के कारण चुनाव व्यवस्था में जनता का विश्वास कमजोर हुआ है, क्योंकि SIR लोकतांत्रिक व्यवस्था को नष्ट करने की एक राजनीतिक साजिश है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चुनाव व्यवस्था में हेरफेर करने और संस्था के प्रति जनता के विश्वास को कमजोर करने के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। लेकिन खेद का विषय है कि केंद्र सरकार ज्ञानेश कुमार को जवाबदेह ठहराने के बजाय, अपने अधीन दिल्ली पुलिस के द्वारा विपक्षी दलों, नागरिक समाज संगठनों, छात्र यूनियनों और किसानों एवं मजदूरों के प्रदर्शनकारियोँ पर उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियाँ कर रही है। यहां तक कि महिला प्रदर्शनकारियों और पत्रकार महिलाओं के साथ अश्लीलतापूर्ण हरकत एवं उत्पीड़न किया जा रहा है।
इससे पहले कलेक्ट्रेट गेट पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़क हुई, पुलिस द्वारा की गई धक्का मुक्की में दो लोग चोटिल भी हुए
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन के माध्यम से ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से तुरन्त हटाने
एसआईआर प्रक्रिया रद्द करने मतदाता सूचियों से गलत तरीके से बाहर किए गए सभी लोगों के मतदान अधिकार बहाल किए जाने सहित आधा दर्जन मांगों को उजागर किया गया है
इस अवसर पर कासिम अली, मुस्तलीव, शमशाद, मैराज, आसिम, दानिश, नाजिम, महिपाल सिंह एडवोकेट, रोहिताश राजपूत, सीताराम, संतोष वर्मा, बहादुर अली, थान सिंह, चंद्रपाल सिंह आजाद, श्याम लाल, जुल्फीकार सैफी, राविक हुसैन, ताहिर अंसारी, डॉ हनीफ पाशा, संजीव कुमार, सुशील बिश्नोई एडवोकेट, विक्रम सिंह एडवोकेट, याकूब सैफी, सुमित कुमार, डॉ सीताराम बघा सहित सीटू की जिला सचिव कामरेड चमन आरा के नेतृत्व में अनेक महिलाएं भी मौजूद रही




