देवरिया 5 अक्टूबर। देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र में रामेश्वर तिवारी की हत्या भी पुराने जख्म को ताजा कर दिया है। इसके पहले आरएसएस के स्वयं सेवक रामेश्वर तिवारी के पिता जयमंगल तिवारी की हत्या वर्ष 1975 में घर में घुसकर गला रेतकर हुई थी। 2019 में बिहार के रहने वाले ट्रैक्टर चालक संतोष कुमार की पीट कर हत्या कर दी गई थी। मामले में गांव के ही कुछ लोगों पर कार्रवाई की गई थी।
परिजन के मुताबिक, जयमंगल तिवारी घर पर ही खेती बाड़ी करवाते थे। जमीन अधिक होना कुछ लोगों को खटकता था। इसको लेकर उनसे भी विवाद चला। रामेश्वर तिवारी जब तीन साल के थे तब उनके पिता की हत्या हुई थी। मां कुंती देवी ने बच्चों का पालन-पोषण किया। बड़े होने के बाद रामेश्वर खुद खेती-किसानी करने लगे।
इसी बीच ट्रैक्टर और मिट्टी गिराने सहित राइस मिल का संचालन करने लगे। इसके लिए बिहार के रहने वाले संतोष को भी अपने काम पर रख लिया। संतोष काफी दिनों से परिवार के सदस्य की तरह घर रहने लगा। आरोप है कि किसी बात को गांव के ही लोगों ने उसकी लाठी-डंडे से पिटाई कर हत्या कर दी थी। शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज किया था। अभी परिवार के लोग दोनों घटनाओं को भूलने की कोशिश कर रहे थे। इसी बीच रामेश्वर तिवारी की हत्या ने पुराने जख्म को कुरेद दिया है। इन घटनाओं से भी पुलिस ने सबक नहीं ली। अब परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा विकास तिवारी है। परिजन सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। बीते दिन घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे डीआईजी एस चनप्पा को बेटे विकास तिवारी ने इस बात की जानकारी दी। इस पर उन्होंने मौजूद पुलिसकर्मियों से तत्काल आरोपियों की पहचान खंगाल उनसे जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए।
उधर पुलिस अधीक्षक अभिजित आर शंकर देवरिया ने बताया कि इस मामले में तीन अक्टूबर की रात्रि में सुतावर मोड़ के पास संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इस चेकिंग के दौरान एक व्यक्ति को रोकने के लिए इशारा किया गया था, परंतु वह व्यक्ति वहीं पर न रुका, वहीं से भागने लगा। पीछा करने पर पुलिस वालों के ऊपर उसके द्वारा एक तमंचे से फायर भी किया गया। अपनी जान बचाने के लिए सीखे हुआ तरीके से पुलिस द्वारा भी जवाबी कार्यवाही की गई और इस जवाबी कार्यवाही में उक्त अभियुक्त के बायें पैर में गोली लगी है। वह अभियुक्त दीपक तिवारी पुत्र स्वर्गीय विनोद तिवारी निवासी भीखम छपरा, रहा। जो विगत कुछ दिन पहले पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 291/2026 थाना लार में नामजद है।इसके पास से पुलिस को एक नाजायज तमंचा 315 बोर, दो खोखा कारतूस एवं एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया।
देवरिया के लार में हुए रामेश्वर तिवारी की हत्या ने पुराने जख्मों को ताजा कर दिया: अब तक इस परिवार में तीन हत्या हो चुकी

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