लक्ष्मीकान्त पाठक
हरदोई (वेबवार्ता)। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की आवाज शुक्रवार को हरदोई में बुलंद हुई। गांधी जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने ‘डिमांड दिवस’ मनाते हुए पत्रकारों की सुरक्षा, अधिकार और हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठाई। संयुक्त सचिव व जिलाध्यक्ष हरदोई रीतेश मिश्रा की अगुवाई में पत्रकारों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन सौंपकर लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार किए जाने की मांग की।
यूनियन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में प्रदेश में नए मीडिया आयोग के गठन, पत्रकारों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ‘पत्रकार प्रोटेक्शन बिल’ लागू करने, निरस्त किए गए पत्रकार कानून के वैधानिक अधिकारों की बहाली तथा पत्रकारों की समस्याओं और हितों के लिए नए वेतन बोर्ड (Wage Board) के गठन की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
यूनियन ने पत्रकारों के विरुद्ध होने वाली कानूनी कार्रवाई को लेकर भी अपनी मांग स्पष्ट की। ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकारों के विरुद्ध बिना प्राथमिक जांच के अपराध पंजीकृत न किया जाए और तत्काल गिरफ्तारी से बचा जाए। पत्रकारों से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई।
यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि पत्रकार समाज और शासन-प्रशासन के बीच सूचनाओं का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। अपने दायित्वों का निर्वहन करते समय पत्रकारों को सुरक्षा और विधिक संरक्षण मिलना बेहद जरूरी है। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से पत्रकार हितों से जुड़ी इन मांगों पर त्वरित आवश्यक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया गया।इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रीतेश मिश्रा, दिवाकर मिश्रा, हरिश्याम बाजपेई, पूर्ण चंद गुप्ता, लक्ष्मीकान्त पाठक, गोपाल द्विवेदी, हरिवंश तिवारी, विजयलक्ष्मी सिंह, मुकेश वर्मा, अजय त्रिपाठी, राजेश गुप्ता, संदीप शर्मा, गोपाल शुक्ला, सुनील यादव सहित अन्य पत्रकार उपस्थित रहे।




