भाजपा महिला मोर्चा ने फूंका पुतला; केस दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग
लक्ष्मीकान्त पाठक

हरदोई (वेबवार्ता)। समाजवादी पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष शराफत अली की कथित विवादित टिप्पणी से हरदोई की सियासत में उबाल है। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती पीके वर्मा के खिलाफ बयान के विरोध में गुरुवार को भाजपा महिला मोर्चा समेत कई संगठनों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और शराफत अली का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी पर मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।मामला बुधवार को गोपामऊ में आयोजित सपा के PDA सम्मेलन का है। आरोप है कि आरक्षण पर बोलते हुए शराफत अली ने जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ जातिसूचक और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। इसका वीडियो वायरल होते ही विवाद गहरा गया।
”आरक्षण संवैधानिक अधिकार, निजी कृपा नहीं”
कथित बयान पर कड़ा एतराज जताते हुए प्रेमावती वर्मा ने कहा कि वैचारिक असहमति अलग बात है, लेकिन किसी महिला की सामाजिक पृष्ठभूमि को निशाना बनाकर नीचा दिखाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, “मैंने शिक्षिका के रूप में कार्य करने के बाद राजनीति में कदम रखा है। आरक्षण संविधान की देन है, किसी नेता की व्यक्तिगत कृपा नहीं।” उन्होंने मामले की पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है।
पुराने विवादों से फिर घिरे शराफत अली
शराफत अली का महिला नेताओं से जुड़ा यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले सपा की ही पूर्व सांसद ऊषा वर्मा और पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी से संबंधित कथित सामग्री को लेकर वे अपनी ही पार्टी में घिर चुके हैं। हालांकि, तब उन्होंने वीडियो को एडिटेड बताया था। इसी खींचतान के बीच सपा नेतृत्व ने पूर्व में हरदोई की पूरी जिला कार्यकारिणी भंग कर दी थी।
राजनीतिक बहस या भाषा का गिरता स्तर?
प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय महिलाओं के प्रति ऐसी भाषा राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है। फिलहाल, हरदोई में यह मुद्दा महज चुनावी या नीतिगत बहस न रहकर महिला सम्मान और राजनीतिक शुचिता की लड़ाई में बदल चुका है। अब सबकी नजरें पुलिसिया जांच और कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।




