कानपुर। आरटीओ परिसर में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब वाहन ट्रांसफर कराने आई एक महिला और उसके भाई के साथ एक बिचौलिए ने मारपीट कर दी। महिला ने दो महीने पहले काम कराने के लिए कागजात और पैसे दिए थे। जब काम में देरी होने पर पैसे और दस्तावेज वापस मांगे गए, तो बात हाथापाई तक पहुँच गई। बीच-बचाव करने आई महिला कर्मचारी (बाबू) से भी बिचौलिए की तीखी बहस हुई। घटना की भनक लगते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला और पीड़िता की समस्या का त्वरित निस्तारण कराया।
कानपुर देहात के बनी गाँव की रहने वाली अंकिता तिवारी ने बताया कि उन्होंने दो महीने पहले अपने वाहन के ट्रांसफर के लिए श्राजेशश् नाम के एक बिचौलिए को आवश्यक कागजात और पैसे सौंपे थे। दो महीने बीत जाने के बाद भी जब ट्रांसफर का काम पूरा नहीं हुआ, तो अंकिता अपने भाई अमित तिवारी के साथ त्ज्व् कार्यालय जानकारी लेने पहुँचीं। जब उन्होंने राजेश से अपने कागजात और पैसे वापस मांगे, तो उसने टालमटोल शुरू कर दी। देखते ही देखते दोनों पक्षों में कहासुनी बढ़ गई और बिचौलिए ने मारपीट शुरू कर दी। परिसर में अफरा-तफरी मचते देख जब कार्यालय की एक महिला कर्मचारी (बाबू) बचाव में आई, तो बिचौलिया उनसे भी उलझ गया।
हंगामे की सूचना मिलते ही आरटीओ प्रशासन राकेन्द्र कुमार सिंह और एआरटीओ प्रशासन कहकशां खातून तुरंत मौके पर पहुँचे। उन्होंने पीड़िता और उनके भाई को ढांढस बँधाया और शांत कराकर तत्काल उनके दस्तावेज मंगवाए। फाइलों की जाँच करने पर पता चला कि गाड़ी पर चालान बकाया था और प्रदूषण प्रमाणपत्र (पीयूसी) भी पेंडिंग था, जिसकी वजह से ट्रांसफर अटका हुआ था। अधिकारियों ने पीड़िता को चालान जमा करने और नया प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवाकर लाने की सलाह दी। साथ ही, संबंधित बाबू को निर्देश दिए कि जैसे ही ये औपचारिकताएं पूरी हों, वाहन ट्रांसफर का काम बिना किसी देरी के प्राथमिकता पर किया जाए।
रडार पर दलाल
आरटीओ प्रशासन द्वारा 24 अगस्त को मारे गए छापे के बाद से परिसर में दलालों की गतिविधियों पर काफी हद तक लगाम लगी है। सीसीटीवी (सीसीटीवी) कैमरों से लगातार निगरानी और अधिकारियों के सरप्राइज चेकिंग अभियानों के चलते अब आम जनता अपने काम खुद कराने लगी है। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि परिसर में आम लोगों से धोखाधड़ी या अभद्रता करने वाले दलालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




