लखनऊ, 26 सितंबर। उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटों से जारी भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए योगी सरकार ने राहत एवं बचाव व्यवस्था को पूरी तरह सक्रिय रखा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहा है। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने शनिवार को प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों को अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर परिस्थिति में आमजन की जान-माल की सुरक्षा जिलाधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
नेपाल में भारी बारिश को देखते हुए सीमावर्ती जिलों में सतर्कता-
राहत आयुक्त ने नेपाल में हो रही भारी बारिश के मद्देनजर सीमावर्ती जिलों, विशेषकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में नदियों के जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा। संबंधित जिलाधिकारियों को नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और बाढ़ राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने के लिए कहा गया है।
36 घंटे बाद मौसम सामान्य होने की संभावना-
भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी 36 घंटों के बाद प्रदेश में मौसम सामान्य होने की संभावना है। राहत आयुक्त ने आमजन से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। उन्होंने लोगों से प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल सहायता के लिए राहत हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क किया जा सकता है।
63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश-
राहत आयुक्त ने बताया कि प्रदेश के 63 जनपदों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान पूरे प्रदेश में सामान्य से 19 गुना अधिक वर्षा हुई। फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना, कन्नौज, कानपुर देहात और हरदोई में सामान्य से 130 गुना अधिक वर्षा दर्ज की गई है। भदोही, देवरिया और अलीगढ़ में सामान्य वर्षा हुई, जबकि गाजीपुर में सबसे कम बारिश दर्ज की गई। वहीं बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ में वर्षा नहीं हुई।
पिछले 48 घंटों में अतिवृष्टि और आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। राहत आयुक्त ने संबंधित जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों को पूरी संवेदनशीलता के साथ अनुमन्य सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भारी बारिश से हुई क्षति का तत्काल सर्वेक्षण एवं आकलन कराने और प्रभावित लोगों को नियमानुसार राहत सहायता शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही फील्ड अधिकारियों को बारिश से फसलों को हुए नुकसान का त्वरित आकलन कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
राहत-बचाव दल सक्रिय, डीएम को फील्ड में रहने के निर्देश-
राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि आवश्यकता के अनुसार फायर सर्विस, पीएसी, सिविल डिफेंस, होमगार्ड और आपदा मित्रों की सेवाएं ली जाएं। सभी राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर भ्रमण और निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है। जिलाधिकारियों को स्वयं फील्ड में रहकर स्थिति का लगातार आकलन करने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार त्वरित निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं। योगी सरकार की ओर से प्रशासन को स्पष्ट किया गया है कि प्रतिकूल मौसम के दौरान आमजन की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
कच्चे मकानों और जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर-
लेखपालों और ग्राम विकास अधिकारियों के माध्यम से कच्चे मकानों के आस-पास जलभराव की स्थिति का तत्काल संज्ञान लेने के निर्देश दिए गए हैं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था के साथ कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठाने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर ऐसे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश हैं।





