नई दिल्ली, 20 सितंबर (वेब वार्ता)। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अध्यक्ष पद समेत चार में से तीन प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की है। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने सफलता हासिल की। वहीं, कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई को इस चुनाव में किसी भी प्रमुख पद पर जीत नहीं मिली।
19वें दौर की मतगणना के बाद चुनाव परिणाम पूरी तरह स्पष्ट हो गए। शुरुआती दौर में एनएसयूआई और एबीवीपी के बीच कड़ा मुकाबला दिखाई दे रहा था, लेकिन अंतिम परिणामों में एबीवीपी ने बढ़त कायम रखी।
यश डबास बने डूसू अध्यक्ष
चुनाव परिणामों के अनुसार, एबीवीपी के यश डबास ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन निर्वाचित हुए। वहीं, रिया छावड़ी ने सचिव पद पर जीत दर्ज की। संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के उम्मीदवार लक्ष्यराज सिंह विजयी रहे।
एबीवीपी के लिए जीत के राजनीतिक मायने
डूसू चुनाव में एबीवीपी की जीत को छात्र राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह चुनाव जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के बाद आयोजित हुए थे। चुनावी माहौल के दौरान एसआरसीसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण और कांग्रेस पर उनके हमलों की भी चर्चा रही।
हालांकि, चुनाव परिणामों से युवाओं की व्यापक राजनीतिक पसंद या देशभर के युवाओं की राय के बारे में कोई निश्चित निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। डूसू चुनाव दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के बीच छात्र संगठनों के समर्थन को दर्शाते हैं, जिसे व्यापक राष्ट्रीय जनमत का सीधा प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता।
एनएसयूआई को नहीं मिली किसी प्रमुख पद पर जीत
डूसू चुनाव में एनएसयूआई का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। संगठन को चारों प्रमुख पदों में से किसी पर भी सफलता नहीं मिली। चुनाव के दौरान एनएसयूआई और एबीवीपी के बीच कई चरणों में कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन अंतिम परिणाम एबीवीपी के पक्ष में रहे।
डूसू दिल्ली विश्वविद्यालय का प्रमुख छात्र संगठन है। विश्वविद्यालय में देश के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थी अध्ययन करते हैं, इसलिए छात्रसंघ चुनावों पर राष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रहती है। हालांकि, डूसू चुनाव के नतीजों को पूरे देश के युवाओं की राजनीतिक सोच का प्रतिनिधि मानना उचित नहीं होगा।
उत्तर परिसर में एबीवीपी का प्रदर्शन
उत्तर परिसर के कई प्रमुख महाविद्यालयों में एबीवीपी का प्रभाव चुनाव के दौरान चर्चा में रहा। उत्तर परिसर में हिंदू कॉलेज, हंसराज कॉलेज, किरोड़ीमल कॉलेज, रामजस कॉलेज और विधि संकाय जैसे प्रमुख संस्थान स्थित हैं।
चुनाव परिणामों के बाद छात्र संगठनों के बीच विश्वविद्यालय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। आने वाले समय में छात्रहित, शैक्षणिक सुविधाओं, फीस, छात्रावास और परिसर से जुड़े मुद्दे छात्र राजनीति के प्रमुख विषय बन सकते हैं।




