लखनऊ, 18 सितंबर (वेब वार्ता)। उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों को वैश्विक मंच देने की तैयारी तेज हो गई है। निवेश से निर्यात तक प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए चौथे उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले-2026 का आयोजन 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में किया जाएगा।
व्यापार मेले में प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों, विकास प्राधिकरणों, औद्योगिक क्षेत्रों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, एक जिला एक उत्पाद से जुड़े उद्यमियों, निर्यातकों और सेवा क्षेत्र के संस्थानों की भागीदारी प्रस्तावित है। आयोजन के माध्यम से उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, निवेश संभावनाओं, स्थानीय उत्पादों की विविधता और निर्यात क्षमता को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
निवेश प्रोत्साहन से औद्योगिक विस्तार तक एक मंच पर आएंगे प्रमुख संस्थान
व्यापार मेले में प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन संस्थानों को अलग-अलग मंडपों में स्थान दिया गया है। मंडप संख्या एक में निवेश प्रोत्साहन और उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की गतिविधियों को प्रदर्शित किया जाएगा।
मंडप संख्या तीन में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की भागीदारी प्रस्तावित है। मंडप संख्या चार में ‘उत्तर प्रदेश एक झलक में’ के माध्यम से प्रदेश की समग्र औद्योगिक एवं विकास क्षमता प्रस्तुत की जाएगी।
मंडप संख्या पांच में सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की गतिविधियां प्रदर्शित होंगी। वहीं, मंडप संख्या छह में सिंचाई, समाज कल्याण, नगर विकास, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, ऊर्जा तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े विभाग शामिल होंगे।
मंडप संख्या सात में नोएडा विकास प्राधिकरण, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी समर्थित सेवाओं तथा ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की भागीदारी प्रस्तावित है। मंडप संख्या आठ में श्रम, स्वास्थ्य, अस्पताल, उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों को स्थान दिया जाएगा।
ओडीओपी और एमएसएमई उत्पादों को मिलेगा वैश्विक बाजार
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों तथा स्थानीय उत्पादों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए व्यापार मेले में इन क्षेत्रों को विशेष महत्व दिया गया है।
मंडप संख्या नौ में एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत आने वाले उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। मंडप संख्या दस में नए उद्यमियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को स्थान दिया गया है। मंडप संख्या 11 में पशुपालन, मत्स्य, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, भौगोलिक संकेतक उत्पाद, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा और आयुष से जुड़े क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
मंडप संख्या 12 में कृषि, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार, खाद्य प्रसंस्करण, उद्यान, डेयरी विकास और चीनी उद्योग से संबंधित गतिविधियां प्रदर्शित की जाएंगी।
इस व्यवस्था से प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों, ग्रामीण उद्यमिता और आधुनिक औद्योगिक गतिविधियों को एक साझा मंच मिलेगा। ओडीओपी और एमएसएमई उत्पादकों को अपने उत्पादों की ब्रांडिंग, संभावित खरीदारों से संपर्क तथा नए बाजारों तक पहुंच बनाने के अवसर मिल सकते हैं।
निर्यात, भंडारण और परिवहन क्षेत्र पर भी जोर
व्यापार मेले में निर्यात विस्तार से जुड़े क्षेत्रों को भी प्रमुखता दी गई है। मंडप संख्या 14, 15 और 16 में उत्कृष्टता केंद्र, निर्यातक, भंडारण एवं परिवहन, वस्त्र एवं हथकरघा, खेल तथा मुख्यमंत्री युवा से जुड़े क्षेत्रों की भागीदारी प्रस्तावित है।
मंडप संख्या 17 में ओडीओपी खुले क्षेत्र, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के हितधारक, रियल एस्टेट क्षेत्र और परिवहन क्षेत्र को शामिल किया गया है।
निर्यातकों और परिवहन क्षेत्र की भागीदारी से प्रदेश के उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने से जुड़े कारोबारी अवसरों को प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा। वहीं, वस्त्र, हथकरघा, खेल और कृषि आधारित उद्योगों से जुड़े उद्यमी अपने उत्पादों तथा कारोबारी क्षमताओं को संभावित खरीदारों के सामने रख सकेंगे।
विकास प्राधिकरणों के माध्यम से दिखेगा क्षेत्रीय औद्योगिक सामर्थ्य
व्यापार मेले के प्रवेश क्षेत्र में प्रदेश के विभिन्न विकास प्राधिकरणों की भागीदारी भी प्रस्तावित है। इनमें कानपुर, वाराणसी, आगरा, लखनऊ, मेरठ, गाजियाबाद और बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण सहित अन्य प्राधिकरण शामिल हैं।
इन संस्थानों की भागीदारी से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में हो रहे विकास, औद्योगिक विस्तार और निवेश से जुड़े अवसरों को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे निवेशकों और उद्यमियों को विभिन्न क्षेत्रों की कारोबारी संभावनाओं तथा विकास परियोजनाओं की जानकारी मिल सकेगी।
उद्योग संगठनों और विश्वविद्यालयों को भेजे जा रहे आमंत्रण
व्यापार मेले में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकारी विभागों, उद्योग संगठनों, वाणिज्य मंडलों, संस्थानों और विश्वविद्यालयों को आमंत्रित किया जा रहा है।
सरकारी कार्यालयों और विभागों को पत्र तथा आमंत्रण-पत्र भेजे जा चुके हैं। उद्योग संगठनों एवं वाणिज्य मंडलों को डिजिटल माध्यम से आमंत्रण भेजे गए हैं, जबकि डाक के माध्यम से आमंत्रण भेजने की प्रक्रिया जारी है। संस्थानों और विश्वविद्यालयों को भी डिजिटल आमंत्रण भेजे जा चुके हैं।
व्यापारिक और उपभोक्ता खरीदारों के पंजीकरण के लिए क्यूआर कोड तैयार कर प्रसारित किया जा रहा है। इसके माध्यम से व्यापार मेले में खरीदारों की भागीदारी बढ़ाने और उद्यमियों को संभावित कारोबारी साझेदारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
निवेश और निर्यात की संभावनाओं को मिलेगा मंच
चौथे उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का उद्देश्य प्रदेश के औद्योगिक ढांचे, निवेश सुविधाओं, स्थानीय उत्पादों और निर्यात क्षमता को एक ही मंच पर प्रस्तुत करना है। आयोजन के माध्यम से सरकारी संस्थानों, उद्यमियों, निवेशकों और खरीदारों के बीच संवाद तथा कारोबारी साझेदारी की संभावनाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
हालांकि, व्यापार मेले की वास्तविक सफलता इससे बनने वाली कारोबारी साझेदारियों, निवेश प्रस्तावों, निर्यात समझौतों और स्थानीय उद्यमियों को मिलने वाले दीर्घकालिक बाजार अवसरों से आंकी जाएगी।




