नई दिल्ली, 17 सितंबर (वेब वार्ता)। आगामी वनडे विश्व कप में अब लगभग एक साल का समय बाकी है, लेकिन भारतीय टीम के दो दिग्गज बल्लेबाजों रोहित शर्मा और विराट कोहली के टूर्नामेंट में खेलने को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। दोनों खिलाड़ियों के भविष्य का फैसला उनकी फिटनेस और प्रदर्शन के आधार पर होने की संभावना है। इस बीच, पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने विश्व कप की तैयारियों को लेकर अहम सलाह दी है।
युवराज सिंह ने रोहित शर्मा या विराट कोहली का नाम लिए बिना कहा कि विश्व कप के लिए टीम का खाका समय रहते तैयार कर लेना चाहिए। उनका मानना है कि अंतिम समय में बड़े बदलाव करने से टीम की तैयारियों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
अंतिम समय में बदलाव से बचने की जरूरत
क्रिकइंफो से बातचीत में युवराज सिंह ने कहा कि जिस टीम को विश्व कप में उतारने की योजना है, उसी टीम को अभी से तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीम में शामिल खिलाड़ियों को पर्याप्त मैच खेलने का मौका मिलना जरूरी है, चाहे उनकी उम्र 16 वर्ष हो या 20 वर्ष।
युवराज के अनुसार, टी-20 क्रिकेट की तुलना में अब वनडे मुकाबले कम खेले जाते हैं। ऐसे में उपलब्ध वनडे मैचों का उपयोग विश्व कप की तैयारियों के लिए बेहतर तरीके से किया जाना चाहिए, ताकि खिलाड़ियों को पर्याप्त अनुभव मिल सके।
उन्होंने कहा कि भारत को अतीत से सीख लेते हुए अंतिम समय में बड़े बदलाव करने से बचना चाहिए। युवराज का मानना है कि जिन खिलाड़ियों पर जीत का भरोसा है, उन्हें अब से लगातार अवसर दिए जाने चाहिए। खिलाड़ी सफल हो या असफल, टीम प्रबंधन को उसके साथ भरोसा बनाए रखना होगा।
वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज से साफ होगी तस्वीर
भारतीय टीम की अगली वनडे सीरीज इसी महीने वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू होने वाली है। इस सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा जल्द होने की संभावना है। टीम चयन के दौरान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर भी कुछ स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भारतीय टीम विश्व कप की तैयारी में गेंदबाजी ऑलराउंडरों पर विशेष ध्यान दे सकती है। इस क्रम में हार्दिक पांड्या का नाम प्रमुखता से चर्चा में है।
युवराज ने बताया टीम संयोजन का महत्व
युवराज सिंह ने कहा कि प्रत्येक देश के पास अलग-अलग तरह के खिलाड़ी होते हैं। कुछ टीमों के पास अधिक ऑलराउंडर होते हैं, जबकि कुछ टीमों की ताकत बल्लेबाजी या विशेषज्ञ गेंदबाज होते हैं। ऐसे में विश्व कप के लिए सबसे बेहतर टीम संयोजन तैयार करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि टीम में 12, 13 या 14 खिलाड़ियों का चयन एक निश्चित संयोजन को ध्यान में रखकर किया जा सकता है, जबकि 15वें खिलाड़ी का चुनाव परिस्थितियों के अनुसार किया जाना चाहिए।
ऑस्ट्रेलिया की विश्व कप विजेता टीम का दिया उदाहरण
युवराज सिंह ने ऑस्ट्रेलिया की विश्व कप विजेता टीम का उदाहरण देते हुए कहा कि उस टीम में कई ऐसे मैच विजेता खिलाड़ी थे, जो अपने दम पर मुकाबले का रुख बदलने की क्षमता रखते थे। यही वजह थी कि वह टीम बेहद सफल रही।
उन्होंने भारतीय टीम को पिछले दो टी-20 विश्व कप से सीख लेने की सलाह दी। युवराज ने कहा कि भारत ने हाल के वर्षों में सीमित ओवरों के क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है और 2023 के वनडे विश्व कप के फाइनल तक भी पहुंचा था। उन्होंने कहा कि विश्व कप अभी कुछ दूर है, इसलिए ऐसा मजबूत खिलाड़ियों का समूह तैयार किया जाना चाहिए, जो हर तरह की परिस्थिति में मुकाबला करने के लिए तैयार रहे।




