राज्यउत्तर प्रदेशनिजी स्कूलों की मनमानी पर डीएम सख्त, एक...

निजी स्कूलों की मनमानी पर डीएम सख्त, एक दुकान से किताब-ड्रेस खरीदने का दबाव बनाया तो होगी कार्रवाई

लक्ष्मीकान्त पाठक। वेबवार्ता

हरदोई। निजी विद्यालयों में फीस, ड्रेस और पाठ्य पुस्तकों के नाम पर अभिभावकों की जेब पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ को लेकर जिलाधिकारी अनुनय झा ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उ०प्र० स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 के प्रावधानों का अक्षरशः पालन करना होगा। अभिभावकों को किसी एक दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य करने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।स्वामी विवेकानंद सभागार में बुधवार को आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने निजी विद्यालयों में शुल्क वृद्धि, ड्रेस, पाठ्य पुस्तकों, प्रवेश शुल्क तथा स्कूली वाहनों के चालक-परिचालकों के सत्यापन समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की।

60 दिन पहले देना होगा फीस बढ़ोतरी का प्रस्ताव

डीएम ने कहा कि विद्यालय यदि फीस में वृद्धि का प्रस्ताव करना चाहते हैं तो उसे नियमानुसार फीस निर्धारण समिति के समक्ष कम से कम 60 दिन पूर्व प्रस्तुत करना होगा। मनमाने ढंग से शुल्क बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने विद्यालयों को अपनी फीस व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए।
पांच साल से पहले नहीं बदलेगी स्कूल ड्रेस
विद्यालयों में विद्यार्थियों की ड्रेस को लेकर भी जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष से पहले ड्रेस में बदलाव नहीं किया जाए। इतना ही नहीं, अभिभावकों पर किसी खास दुकान से यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव भी नहीं बनाया जाएगा। निर्धारित डिजाइन और मानक के अनुसार अभिभावक अपनी सुविधा व पसंद की किसी भी दुकान से ड्रेस खरीद सकेंगे।

किताबों के लिए भी नहीं चलेगी ‘एक दुकान’ की व्यवस्था
पाठ्य पुस्तकों की खरीद को लेकर भी डीएम ने विद्यालय प्रबंधन को स्पष्ट संदेश दिया। विद्यालय अभिभावकों को आवश्यक पुस्तकों की सूची उपलब्ध कराएं, लेकिन उन्हें किसी एक निर्धारित दुकान से ही किताबें खरीदने के लिए बाध्य न करें। अभिभावक अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी दुकान से पुस्तकें खरीद सकेंगे।
एडमिशन और एनुअल फीस के नाम पर

अतिरिक्त वसूली पर रोक

जिलाधिकारी ने प्रवेश के नाम पर अनधिकृत शुल्क लिए जाने पर भी सख्ती दिखाई। उन्होंने कहा कि एडमिशन, एनुअल डे, एनुअल फीस अथवा किसी अन्य नाम से अनावश्यक या अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाए। अभिभावकों से केवल नियमानुसार अनुमन्य शुल्क ही वसूला जाए।

चालक-परिचालकों का सत्यापन नहीं कराया तो सीज हो सकते हैं वाहन

बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि कुछ विद्यालयों ने अभी तक अपने स्कूली वाहनों के चालक एवं परिचालकों के पुलिस सत्यापन की सूचना उपलब्ध नहीं कराई है। इस पर डीएम ने संबंधित विद्यालयों को तत्काल सत्यापन कराकर सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय में सत्यापन की सूचना उपलब्ध नहीं कराने वाले विद्यालयों के वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर वाहन सीज करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

अगली बैठक में देना होगा पूरा फीस स्ट्रक्चर

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अगली बैठक में सभी विद्यालय अपना फीस स्ट्रक्चर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं, ताकि शुल्क संरचना की नियमानुसार समीक्षा की जा सके। बैठक में अनुपस्थित विद्यालयों के प्रधानाचार्य/प्रतिनिधियों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों में शासन एवं अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि अभिभावकों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी, जिला विद्यालय निरीक्षक सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

More articles

- Advertisement -
- Advertisement -