नई दिल्ली, 15 सितंबर (वेब वार्ता)। 1990 के दशक में जब हिंदी सिनेमा में तीनों खान का दबदबा था, उसी दौर में एक ऐसी फिल्म आई जिसने दोस्ती, प्यार और त्याग की कहानी से दर्शकों के दिल में खास जगह बना ली। फिल्म थी ‘कुछ कुछ होता है’, जिसने निर्देशक करण जौहर के निर्देशन करियर की शुरुआत को ही यादगार बना दिया। शाहरुख खान, काजोल, रानी मुखर्जी और सलमान खान जैसे सितारों से सजी इस फिल्म ने उस दौर में सिनेमाघरों के बाहर दर्शकों की लंबी कतारें लगा दी थीं।
फिल्म में शाहरुख खान और काजोल की लोकप्रिय जोड़ी एक बार फिर पर्दे पर नजर आई, जबकि सलमान खान की विशेष भूमिका ने कहानी में एक अलग भावनात्मक रंग भर दिया। प्रेम त्रिकोण पर आधारित इस कहानी में दोस्ती, एकतरफा प्रेम, त्याग और बिछड़ने की भावनाओं को इस तरह पिरोया गया कि फिल्म आज भी हिंदी सिनेमा की चर्चित फिल्मों में शामिल है।
करण जौहर की पहली फिल्म ने बनाया इतिहास
वर्ष 1998 में करण जौहर ने निर्देशन की दुनिया में कदम रखा। उनकी पहली ही फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ थी। फिल्म में उन्होंने हर किरदार को खास अंदाज में प्रस्तुत किया और कहानी के भावनात्मक पक्ष पर विशेष ध्यान दिया।
फिल्म में शाहरुख खान ने राहुल की भूमिका निभाई, जबकि काजोल अंजली के किरदार में नजर आईं। रानी मुखर्जी ने टीना का किरदार निभाया। वहीं, सलमान खान अमन के रूप में दिखाई दिए।
उस समय शाहरुख खान और काजोल की जोड़ी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय थी। दोनों इससे पहले भी कई सफल फिल्मों में साथ नजर आ चुके थे। ‘कुछ कुछ होता है’ में भी उनकी जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया।
10 करोड़ के बजट में बनी, 106 करोड़ से ज्यादा कमाए
‘कुछ कुछ होता है’ करीब 10 करोड़ रुपये के बजट में तैयार हुई थी। फिल्म ने उस दौर में शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनियाभर में करीब 106.73 करोड़ रुपये का कारोबार किया था।
फिल्म की सफलता ने करण जौहर को हिंदी सिनेमा के प्रमुख निर्देशकों की कतार में ला खड़ा किया। अपनी पहली ही फिल्म के जरिए उन्होंने कहानी, संगीत, कलाकारों और भावनात्मक दृश्यों के बेहतर मेल से दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई।
यह फिल्म वर्ष 1998 की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल रही और लंबे समय तक दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।
सलमान खान का छोटा किरदार, लेकिन गहरी छाप
फिल्म में सलमान खान की भूमिका शाहरुख खान और काजोल की तुलना में सीमित थी, लेकिन उनके किरदार अमन ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। अमन अंजली से प्रेम करता है, लेकिन उसके मन में राहुल के लिए मौजूद भावनाओं को समझते हुए पीछे हट जाता है।
सलमान खान पर फिल्माया गया गीत ‘साजन जी घर आए’ भी बेहद लोकप्रिय हुआ। आज भी यह गीत विवाह और उत्सवों के दौरान सुनाई देता है। सलमान का यह छोटा लेकिन प्रभावशाली किरदार फिल्म के सबसे यादगार हिस्सों में गिना जाता है।
आठ गानों ने बढ़ाई फिल्म की लोकप्रियता
‘कुछ कुछ होता है’ की सफलता में इसके संगीत की भी बड़ी भूमिका रही। फिल्म में कुल आठ गीत थे, जिन्हें जतिन-ललित ने संगीतबद्ध किया था। गीतों के बोल समीर ने लिखे थे।
अलका याग्निक, उदित नारायण, शंकर महादेवन, कुमार सानू और कविता कृष्णमूर्ति जैसे गायकों ने इन गीतों को अपनी आवाज दी। फिल्म का संगीत उस दौर में बेहद लोकप्रिय हुआ और इसके कई गीत आज भी लोगों की स्मृतियों में बसे हुए हैं।
फिल्म के संगीत और कहानी ने मिलकर इसे केवल सिनेमाघरों की सफलता तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे हिंदी सिनेमा की लोकप्रिय सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा बना दिया।
दोस्ती और प्यार के बीच उलझी कहानी
फिल्म की कहानी कॉलेज के दिनों की दोस्ती से शुरू होती है। राहुल और अंजली बेहद करीबी दोस्त होते हैं। इसी दौरान राहुल की मुलाकात टीना से होती है और दोनों के बीच प्रेम हो जाता है।
अंजली राहुल से प्रेम करती है, लेकिन अपने मन की बात कह नहीं पाती। जब उसे राहुल और टीना के रिश्ते का पता चलता है तो वह कॉलेज छोड़कर चली जाती है।
बाद में कहानी कई वर्षों आगे बढ़ती है। टीना की बेटी अंजली अपनी मां की छोड़ी हुई चिट्ठियों के जरिए राहुल और उसकी पुरानी दोस्त अंजली को दोबारा मिलाने की कोशिश करती है। कहानी का यह हिस्सा फिल्म को भावनात्मक मोड़ देता है।
वहीं, सलमान खान का किरदार अमन अंजली से प्रेम करने के बावजूद उसके पुराने प्यार को समझता है और अंततः पीछे हट जाता है। यही त्याग फिल्म की कहानी को भावनात्मक गहराई देता है।
आज भी याद की जाती है फिल्म
‘कुछ कुछ होता है’ को रिलीज हुए कई वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन इसके संवाद, गीत, किरदार और कहानी आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं। फिल्म ने करण जौहर के निर्देशन करियर की मजबूत शुरुआत की और शाहरुख खान-काजोल की जोड़ी की लोकप्रियता को भी नई ऊंचाई दी।
सलमान खान की विशेष भूमिका, फिल्म का संगीत और दोस्ती तथा प्रेम के बीच दिखाई गई भावनात्मक कहानी इसे 1990 के दशक की यादगार फिल्मों में शामिल करती है।




