गुरुग्राम, 15 सितंबर (वेब वार्ता)। दिल्ली से सटे गुरुग्राम में पार्किंग को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि पार्किंग की जगह को लेकर हुई बहस के बाद एक पार्किंग कर्मचारी ने भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त ग्रुप कैप्टन अमित कुमार गुप्ता पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में उनके सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं और उनका एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
पुलिस के अनुसार घटना 10 सितंबर की रात करीब आठ बजे सेक्टर-65 थाना क्षेत्र स्थित मैग्नम ग्लोबल पार्क में हुई। सेवानिवृत्त अधिकारी अपने परिवार के साथ वहां एक रेस्तरां में भोजन करने पहुंचे थे। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने यह भी बताया कि अमित कुमार गुप्ता कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना के ऑपरेशन सफेद सागर का हिस्सा रहे थे।
गाड़ी खड़ी करने को लेकर हुआ विवाद
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, गुप्ता अपने परिवार के साथ रेस्तरां पहुंचे थे। उन्होंने पहले परिवार के एक सदस्य को रेस्तरां के पास उतारा और इसके बाद अपनी कार खड़ी करने के लिए निर्धारित पार्किंग क्षेत्र की ओर गए।
गुप्ता का आरोप है कि कार को सही स्थान पर खड़ा करने को लेकर उनकी पार्किंग कर्मचारी से बहस हो गई। उनका कहना है कि उन्होंने परिसर में मौजूद कई अधिकृत पार्किंग स्थानों पर वाहन खड़ा करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें कार खड़ी करने की अनुमति नहीं दी गई।
इसी दौरान विवाद बढ़ गया और कथित तौर पर पार्किंग कर्मचारी ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
सिर और हाथ पर रॉड से किए कई वार
शिकायत में गुप्ता ने आरोप लगाया कि बहस के दौरान पार्किंग कर्मचारी ने उनकी कार की खिड़की तोड़ने की कोशिश की और कई बार मुक्के मारे। स्थिति बिगड़ने पर वह कार से बाहर निकले। आरोप है कि इसी दौरान कर्मचारी लोहे की रॉड लेकर आया और उनके सिर तथा बाएं हाथ पर कई वार कर दिए।
हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद गुप्ता को उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने पुलिस को बताया कि घटना के बाद उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के साथ-साथ पुलिस नियंत्रण कक्ष को भी मदद के लिए सूचना दी थी।
पीड़ित के मुताबिक, उन्हें तत्काल मदद नहीं मिल सकी, जिसके बाद उपचार के लिए अस्पताल जाना पड़ा।
अस्पताल पहुंची पुलिस, बाद में दर्ज हुआ बयान
गुरुग्राम पुलिस के सेक्टर-65 थाना प्रभारी रणबीर ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारी का बयान दर्ज करने के लिए अस्पताल पहुंचे थे। उस समय गुप्ता ने अपनी तबीयत ठीक नहीं होने की बात कहते हुए तत्काल बयान देने में असमर्थता जताई।
थाना प्रभारी के अनुसार, गुप्ता ने घटना वाले दिन ही पुलिस को लिखित शिकायत दे दी थी और बाद में थाने आकर अपना बयान दर्ज कराने की बात कही थी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस पार्किंग कर्मचारी की भूमिका, विवाद की वास्तविक वजह और हमले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटना के संबंध में पीड़ित की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाद किस तरह बढ़ा और हमले में कौन-कौन लोग शामिल थे।
पार्किंग को लेकर शुरू हुआ विवाद इस स्तर तक पहुंचने से परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और पार्किंग प्रबंधन पर भी सवाल उठ रहे हैं।




