नई दिल्ली, 26 जुलाई (वेब वार्ता)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर छात्र आंदोलन के दौरान कथित बल प्रयोग और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए सरकार से स्पष्ट जवाब देने को कहा है।
राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि छात्र निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप है कि प्रदर्शनकारियों की मांगों पर संवाद स्थापित करने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
पत्र में राहुल गांधी ने गृह मंत्री से पूछा है कि क्या छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन सहित घातक बल प्रयोग की अनुमति केंद्रीय स्तर पर दी गई थी। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी कोई अनुमति नहीं दी गई थी, तो यह आदेश किस स्तर पर और किस अधिकारी द्वारा जारी किया गया।
राहुल गांधी ने सादे कपड़ों में मौजूद उन लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठाए, जो कथित रूप से प्रदर्शनकारियों पर लाठियों से हमला करते हुए दिखाई दिए। उन्होंने पूछा कि ये लोग पुलिसकर्मी थे या अन्य व्यक्ति, और इन्हें किसके निर्देश पर तैनात किया गया था।
अपने पत्र में कांग्रेस नेता ने दावा किया कि इस कार्रवाई में अनेक छात्र घायल हुए तथा महिला छात्राओं के साथ भी कथित दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आईं। उन्होंने हरियाणा के एक छात्र साहिल लोचब का उल्लेख करते हुए कहा कि कथित रूप से पैलेट गन से घायल होने के कारण उसकी एक आंख की रोशनी प्रभावित होने का खतरा बताया गया है।
राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतंत्र में नागरिकों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उनकी शिकायतों का समाधान संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए। उनके अनुसार इस प्रकार की कार्रवाई लोकतांत्रिक मर्यादाओं और नागरिक अधिकारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
फिलहाल गृह मंत्रालय की ओर से राहुल गांधी के पत्र और उसमें उठाए गए सवालों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और विपक्ष इस विषय पर सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है।




