शिमला, 10 जुलाई (वेब वार्ता)। हिमाचल प्रदेश के केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर लंबे समय से लंबित प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शुक्रवार को राज्य सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि इस विषय पर गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी है। इस रिपोर्ट पर 20 जुलाई को प्रस्तावित मंत्रिमंडल की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि उपसमिति ने अपनी रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा की मेधा सूची के आधार पर वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों की नियुक्ति केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों में करने की सिफारिश की है। सरकार रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद इस पर अंतिम निर्णय लेगी।
उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में देरी का सीधा असर विद्यार्थियों के नामांकन पर पड़ा है। पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध नहीं होने के कारण लगभग 2,500 विद्यार्थियों ने इन विद्यालयों को छोड़कर अन्य शिक्षण संस्थानों में प्रवेश ले लिया है। सरकार इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके और भविष्य में इस प्रकार की समस्याओं की पुनरावृत्ति न हो।
मानसून के दौरान प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा के संबंध में शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने सभी जिला उपायुक्तों को स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर विद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों को बंद करने का अधिकार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी जिले में खराब मौसम के कारण शिक्षण संस्थान बंद किए जाते हैं तो उस अवधि में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को भी अवकाश प्रदान किया जाएगा। उन्होंने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की।




