रायपुर, 10 जुलाई (वेब वार्ता)। छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय बना हुआ है, हालांकि प्रदेश के सभी क्षेत्रों में वर्षा का प्रभाव एक समान नहीं दिखाई दे रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान दक्षिण बस्तर के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहीं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना व्यक्त की है।
राजधानी रायपुर में गुरुवार को दिनभर बादल छाए रहे, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में वर्षा नहीं होने से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी शहर में बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और वर्षा होने की संभावना है। रायपुर का अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 18 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में गंगालूर में सर्वाधिक तीन सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा दंतेवाड़ा, करपावंड, पेंड्रा रोड, गीदम, लोहंडीगुड़ा और सकोला में दो-दो सेंटीमीटर वर्षा हुई। वहीं रेंगाखार कला, बस्तर, मरवाही, धानोरा, डोंगरगढ़, धबहारपुर और भैरमगढ़ सहित कई क्षेत्रों में एक सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश में सक्रिय है। वर्तमान में मानसून द्रोणिका उत्तर भारत से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के आसपास बना निम्न दबाव का क्षेत्र और उससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण भी मौसम को प्रभावित कर रहा है। हालांकि अगले 24 घंटों में इसके कमजोर पड़ने की संभावना है, लेकिन इसका प्रभाव प्रदेश में वर्षा के रूप में बना रह सकता है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कोंडागांव, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, जशपुर और सरगुजा जिलों में गरज-चमक, तेज हवाएं, आकाशीय बिजली गिरने और वर्षा की संभावना जताई गई है।
विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने, पेड़ों के नीचे शरण न लेने तथा बिजली गिरने की आशंका के समय आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है।




