नई दिल्ली | राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
PoK Human Rights को लेकर ब्रिटेन में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) की स्थिति पर चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। ब्रिटिश सांसदों ने PoK में नागरिकों की मौत और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए ब्रिटिश सरकार से इस मुद्दे को पाकिस्तान के समक्ष आधिकारिक रूप से उठाने की मांग की है। सांसदों ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त से भी जवाब तलब किया है। हालांकि, इन आरोपों पर पाकिस्तान की ओर से इस रिपोर्ट में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
- PoK में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों पर ब्रिटिश सांसदों ने चिंता जताई।
- ब्रिटिश सरकार से पाकिस्तान के समक्ष मुद्दा उठाने की मांग की गई।
- पाकिस्तान के उच्चायुक्त से भी जवाब मांगा गया।
- लॉर्ड फाल्कनर के समक्ष भी मामला उठाया गया।
- कुछ सांसदों ने मैग्नित्स्की-स्टाइल प्रतिबंध लगाने की मांग की।
- पाकिस्तान की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
PoK Human Rights को लेकर ब्रिटिश सांसदों ने क्या कहा?
ब्रिटेन के कई सांसदों ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नागरिकों की मौत और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित कार्रवाई पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने ब्रिटिश सरकार से आग्रह किया कि इस्लामाबाद के साथ होने वाली आधिकारिक बातचीत में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाए।
बैठक के दौरान सांसदों ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त से भी इन आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा। साथ ही ब्रिटेन के मध्य पूर्व, अफगानिस्तान और पाकिस्तान मामलों के मंत्री लॉर्ड फाल्कनर के समक्ष भी इस विषय को उठाया गया।
मामले से जुड़े प्रमुख तथ्य
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मुद्दा | PoK में कथित मानवाधिकार उल्लंघन |
| चिंता जताई | ब्रिटिश सांसदों ने |
| मुख्य मांग | ब्रिटिश सरकार पाकिस्तान से मुद्दा उठाए |
| अतिरिक्त मांग | मैग्नित्स्की-स्टाइल प्रतिबंधों पर विचार |
| पाकिस्तान की प्रतिक्रिया | फिलहाल उपलब्ध नहीं |
एंड्रयू पेक्स ने क्या कहा?
लेबर सांसद एंड्रयू पेक्स ने कहा कि वह PoK में मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दे को ब्रिटिश सरकार के सर्वोच्च स्तर तक पहुंचाएंगे और इस विषय पर चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि नागरिकों के अधिकारों से जुड़े मामलों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
बैठक में मौजूद कुछ अन्य सांसदों और प्रतिभागियों ने भी कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोपों की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ सकती है चर्चा
PoK में मानवाधिकारों से जुड़े आरोपों को लेकर ब्रिटेन में उठी यह बहस अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी चर्चा का विषय बन सकती है। फिलहाल यह मामला राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर विचाराधीन है तथा आगे की स्थिति संबंधित सरकारों के रुख पर निर्भर करेगी।
इस बीच, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पाकिस्तान की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।




