नई दिल्ली, 22 जून (वेब वार्ता)। डिजिटल बैंकिंग के इस दौर में बैंकिंग सेवाएं पहले की तुलना में काफी आसान हो गई हैं। हालांकि, कई बार ग्राहकों को एटीएम से नकदी निकालने के दौरान तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसी ही एक सामान्य समस्या तब होती है, जब एटीएम मशीन से नकदी नहीं निकलती, लेकिन ग्राहक के बैंक खाते से राशि कट जाती है। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय समय रहते सही कदम उठाना बेहद जरूरी है।
सबसे पहले क्या करें?
यदि एटीएम से नकदी नहीं निकलती है, तो सबसे पहले दोबारा लेनदेन करने से बचें। इसके बाद तुरंत अपने बैंक खाते की शेष राशि की जांच करें, ताकि यह पता चल सके कि खाते से राशि कटी है या नहीं।
यदि खाते से राशि कट चुकी है, तो संबंधित लेनदेन की सभी जानकारियां सुरक्षित रखें। इनमें निकाली जाने वाली राशि, एटीएम का स्थान, लेनदेन का समय और तिथि जैसी जानकारी शामिल होनी चाहिए। शिकायत दर्ज कराने के दौरान यही जानकारी उपयोगी साबित होती है।
तुरंत बैंक को दें सूचना
यदि खाते से राशि कट गई है, लेकिन नकदी नहीं मिली है, तो बिना समय गंवाए अपने बैंक से संपर्क करें। शिकायत दर्ज होने के बाद बैंक ग्राहक को एक शिकायत क्रमांक उपलब्ध कराता है। इस क्रमांक को सुरक्षित रखना आवश्यक है, क्योंकि भविष्य में शिकायत की स्थिति जानने और मुआवजा प्राप्त करने के लिए इसकी आवश्यकता पड़ सकती है।
बैंक शिकायत प्राप्त होने के बाद एटीएम के अभिलेख और लेनदेन से जुड़े विवरणों की जांच करता है। जांच में यदि यह स्पष्ट हो जाता है कि राशि खाते से कट गई थी, लेकिन एटीएम से नकदी नहीं निकली, तो संबंधित राशि ग्राहक के खाते में वापस जमा कर दी जाती है।
रिफंड मिलने में लग सकता है समय
कई मामलों में जांच पूरी होने के बाद राशि स्वतः ग्राहक के खाते में वापस आ जाती है। हालांकि, यदि निर्धारित समय के भीतर राशि वापस नहीं मिलती है, तो ग्राहक को बैंक से दोबारा संपर्क कर शिकायत की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए।
आरबीआई के नियम क्या कहते हैं?
भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार, यदि एटीएम से नकदी नहीं निकलती है, लेकिन ग्राहक के खाते से राशि कट जाती है, तो बैंक को जांच पूरी कर निर्धारित समय सीमा के भीतर ग्राहक की राशि वापस करनी होती है।
यदि बैंक पांच कार्य दिवस के भीतर ग्राहक की राशि वापस नहीं करता है, तो ग्राहक मुआवजा पाने का हकदार होता है। ऐसे मामलों में बैंक को देरी के लिए ग्राहक को प्रतिदिन 100 रुपये का मुआवजा देना पड़ सकता है। हालांकि, इसके लिए यह जरूरी है कि ग्राहक ने बैंक में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई हो और उसके पास शिकायत क्रमांक उपलब्ध हो।
समाधान नहीं मिलने पर कहां करें शिकायत?
यदि बैंक शिकायत के बाद भी उचित कार्रवाई नहीं करता है, तो ग्राहक बैंक की आंतरिक शिकायत निवारण प्रणाली का सहारा ले सकता है। इसके अलावा, ग्राहक भारतीय रिजर्व बैंक की समेकित लोकपाल योजना के तहत भी शिकायत दर्ज करा सकता है।
घबराने की बजाय तुरंत करें कार्रवाई
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है। यदि ग्राहक समय रहते बैंक को सूचना दे देता है, तो अधिकांश मामलों में राशि वापस मिल जाती है। इसलिए एटीएम लेनदेन के दौरान किसी भी तकनीकी समस्या की स्थिति में तुरंत बैंक से संपर्क करना सबसे उचित कदम माना जाता है।




