नई दिल्ली, 22 जून (वेब वार्ता)। सुरक्षा बलों और सेना के लिए रक्षा उपकरण बनाने वाली एक कंपनी के प्रबंध निदेशक साहिल लूथरा को जान से मारने की धमकी देकर 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में दिल्ली अपराध शाखा ने पंजाब से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर खालिस्तानी और गैंगस्टर गठजोड़ के नाम पर धमकी देकर रंगदारी मांगने का आरोप है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंजाब के तरनतारन निवासी गुरपिंदर सिंह उर्फ प्रिंस, शमशेर सिंह उर्फ सैम तथा अमृतसर निवासी पंजाब पुलिस के बर्खास्त पूर्व सहायक उपनिरीक्षक जसवंत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन और अन्य सामग्री बरामद की है।
कंपनी में काम करता था मुख्य आरोपी
पुलिस के अनुसार, जसवंत सिंह को पहले पंजाब पुलिस से बर्खास्त किया जा चुका था। इसके बाद वह साहिल लूथरा की कंपनी में कार्यरत हो गया और कंपनी के पंजाब प्रभाग का कार्य देख रहा था। पुलिस के अनुसार, जसवंत सिंह के खिलाफ पंजाब में पहले से भी दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।
अपराध शाखा के विशेष आयुक्त एचजीएस धालीवाल ने बताया कि 17 अक्तूबर को चाणक्यपुरी थाने में रंगदारी मांगने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता साहिल लूथरा ने बताया था कि अगस्त और सितंबर के दौरान उन्हें कई धमकी भरे संदेश और कॉल प्राप्त हुए थे, जिनमें खालिस्तानी आतंकियों और गैंगस्टर गठजोड़ का नाम लेकर जान से मारने की धमकी दी गई थी।
गैंगस्टर के नाम पर मांगी जा रही थी रंगदारी
पुलिस के अनुसार, धमकी भरे संदेशों में गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के नाम का इस्तेमाल कर 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी जा रही थी। इसके अलावा, चार जून को साहिल लूथरा को एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप पर धमकी भरा ध्वनि संदेश भी प्राप्त हुआ था। इसके बाद 10 जून को मामले की जांच अपराध शाखा को सौंप दी गई।
तकनीकी निगरानी से आरोपी दबोचे गए
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव और उनकी टीम ने तकनीकी निगरानी, कॉल विवरण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान पंजाब में छापेमारी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में गुरपिंदर सिंह और शमशेर सिंह ने खुलासा किया कि उन्होंने जसवंत सिंह के कहने पर रंगदारी की मांग की थी। पुलिस के अनुसार, धमकी भरे संदेश और कॉल स्पेन में बैठे मन्नी नामक व्यक्ति के माध्यम से भेजे गए थे।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा विदेश में बैठे संदिग्धों की भूमिका क्या रही। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।




