नई दिल्ली, 22 जून (वेब वार्ता)। दांबुला में खेले गए त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से एक बार फिर साबित कर दिया कि वह बड़े मुकाबलों के खिलाड़ी हैं। श्रीलंका ए के खिलाफ खिताबी मुकाबले में वैभव ने मात्र 29 गेंदों में 94 रन की तूफानी पारी खेलकर भारत ए की जीत की मजबूत नींव रखी।
वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी ने न केवल विपक्षी टीम को दबाव में डाला, बल्कि चयनकर्ताओं का भी ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। अब क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें 26 जून पर टिकी हैं, जब भारतीय टीम आयरलैंड दौरे पर दो मैचों की टी-20 श्रृंखला का आगाज करेगी। माना जा रहा है कि वैभव को पहले ही मुकाबले में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण का अवसर मिल सकता है।
यदि वैभव को पदार्पण का मौका मिलता है, तो वह बेहद कम उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।
वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी विशेषता दबाव वाले मुकाबलों में उनका शानदार प्रदर्शन रहा है। इस वर्ष खेले गए पांच नॉकआउट मुकाबलों में उन्होंने चार अर्धशतक और एक शतक लगाया है। खास बात यह है कि तीन बार वह 90 से अधिक रन बनाकर आउट हुए, लेकिन उन्होंने व्यक्तिगत उपलब्धि की बजाय टीम के हित को प्राथमिकता देते हुए आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी।
श्रीलंका ए के खिलाफ फाइनल मुकाबले में भी उनकी पारी इसका ताजा उदाहरण रही। वैभव ने अपनी 94 रन की पारी में 10 चौके और 8 छक्के लगाए। हालांकि वह शतक से चूक गए, लेकिन उनकी पारी मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण रही।
आयरलैंड और उसके बाद इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में उनकी मौजूदगी इस बात का संकेत है कि टीम प्रबंधन उन्हें भविष्य के बड़े सितारे के रूप में देख रहा है।
अब सभी की निगाहें 26 जून पर टिकी हैं। फाइनल में धमाकेदार प्रदर्शन करने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वैभव सूर्यवंशी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी उसी अंदाज में अपने करियर की शुरुआत करते हैं।




