मुंबई, 12 जून (वेब वार्ता)। हिंदी सिनेमा के सबसे चर्चित और दर्दभरे गीतों में शुमार ‘तड़प तड़प के’ को लेकर संगीतकार इस्माइल दरबार ने एक दिलचस्प खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि यह गीत शुरुआत में सलमान खान अभिनीत फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ के लिए तैयार नहीं किया गया था। बाद में यह न सिर्फ फिल्म का अहम हिस्सा बना, बल्कि भारतीय सिनेमा के सबसे यादगार गीतों में भी शामिल हो गया।
हाल ही में एक रियलिटी शो में इस्माइल दरबार ने इस गीत के निर्माण से जुड़ी कई अनसुनी बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें सलमान खान की फिल्म नहीं मिली थी और वह किसी अन्य बड़े प्रोजेक्ट के लिए इस गीत का स्क्रैच संस्करण तैयार कर रहे थे।
भंसाली को सुनाया तो बदल गया फिल्म का स्वरूप
इस्माइल दरबार ने बताया कि कुछ समय बाद फिल्म निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली ने उन्हें अपनी फिल्म के संगीत के लिए बुलाया। दोनों ने करीब छह महीने तक फिल्म के संगीत पर काम किया। इसी दौरान उन्होंने भंसाली को यह गीत सुनाया।
गीत सुनते ही भंसाली उससे बेहद प्रभावित हो गए। इस्माइल दरबार के अनुसार, भंसाली ने उनसे कहा था कि अब उन्हें समझ आ गया है कि फिल्म का अंतराल कहां होगा और उसका चरम दृश्य किस तरह प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने इस गीत को फिल्म की भावनात्मक आत्मा तक पहुंचाने वाला संगीत बताया।
पहली मुलाकात में केके ने कर दिया था इनकार
इस्माइल दरबार ने बताया कि इसी गीत के माध्यम से उनकी पहली मुलाकात दिवंगत गायक केके से हुई थी। मुंबई के बांद्रा स्थित पर्पल हेज स्टूडियो में इस गीत की रिकॉर्डिंग की तैयारी की गई थी।
जब केके को यह गीत सुनाया गया तो उन्होंने शुरुआत में इसे गाने से इनकार कर दिया। उनकी पहली प्रतिक्रिया थी कि यह उनकी शैली का गीत नहीं है और वह इसे नहीं गा पाएंगे। हालांकि इस्माइल दरबार को विश्वास था कि इस गीत के दर्द और भावनाओं को केके की आवाज से बेहतर कोई अभिव्यक्त नहीं कर सकता।
रिकॉर्डिंग के बाद भावुक हो गई थीं केके की पत्नी
काफी समझाने के बाद केके ने इस गीत को रिकॉर्ड करने के लिए सहमति दे दी। इस्माइल दरबार ने बताया कि रिकॉर्डिंग पूरी होने के बाद जब गीत सुनाया गया तो सबसे पहले केके की पत्नी भावुक हो गई थीं।
उन्होंने कहा कि गीत के दर्द, भावनात्मक गहराई और अभिव्यक्ति ने वहां मौजूद सभी लोगों को भीतर तक छू लिया था। बाद में यही गीत फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ का सबसे लोकप्रिय ट्रैक बनकर उभरा।
आज भी ‘तड़प तड़प के’ को हिंदी सिनेमा के सबसे बेहतरीन विरह गीतों में गिना जाता है। केके की संवेदनशील गायकी और इस्माइल दरबार के संगीत ने इस गीत को कालजयी बना दिया, जिसे संगीत प्रेमी वर्षों बाद भी उसी भावनात्मक जुड़ाव के साथ सुनते हैं।




