कोलकाता, 02 जून (वेब वार्ता)। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को कोलकाता में बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। पार्टी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा सरकार पर चुनावी धांधली और पार्टी नेताओं पर हमलों के आरोप लगाते हुए आंदोलन का नेतृत्व किया।
कोलकाता के रानी रासमणि एवेन्यू में आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनकी पार्टी संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान कई सीटों पर मतगणना प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
धरने से पहले डॉ. आंबेडकर को दी श्रद्धांजलि
विरोध प्रदर्शन शुरू करने से पहले ममता बनर्जी ने पार्टी नेताओं के साथ भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान कई वरिष्ठ नेता भी उनके साथ मौजूद रहे। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ता और नेता धरना स्थल पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में समर्थक एकत्रित हुए।
नेताओं पर हमलों का मुद्दा भी उठाया
तृणमूल कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कथित हमलों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। पार्टी का कहना है कि हाल के दिनों में कई नेताओं और समर्थकों को निशाना बनाया गया है। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ने राज्यव्यापी विरोध अभियान चलाने का संकेत दिया है।
ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से अपनी बात जनता के सामने रखेगी और राजनीतिक हिंसा के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।
कल्याण बनर्जी ने पुलिस प्रशासन पर साधा निशाना
धरना स्थल पर मौजूद वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने भी प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के कार्यक्रमों में बाधाएं खड़ी की जा रही हैं और कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस आने वाले दिनों में राज्यभर में बड़े पैमाने पर आंदोलन और जनसंपर्क अभियान चलाएगी। साथ ही उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष तरीके से कार्य करने की अपील भी की।
भाजपा ने आरोपों को किया खारिज
वहीं भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से बदलाव का फैसला किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि चुनाव परिणाम जनता के जनादेश का प्रतिबिंब हैं और विपक्ष को इसे स्वीकार करना चाहिए।
भाजपा ने यह भी कहा कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से विकास कार्य प्रभावित नहीं होने दिए जाएंगे और नई सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी तल्खी
सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक ओर तृणमूल कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया और राजनीतिक घटनाओं को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा अपने जनादेश को जनता की जीत बता रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति और अधिक सक्रिय रहने वाली है, क्योंकि दोनों प्रमुख दल जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।




