नई दिल्ली, 22 मई (वेब वार्ता)। दिल्ली हाईकोर्ट ने वर्ष 2020 के दिल्ली दंगा मामले में आरोपी उमर खालिद को सीमित अवधि की अंतरिम जमानत प्रदान की है। अदालत ने उनकी मां की सर्जरी को ध्यान में रखते हुए 1 जून सुबह 7 बजे से 3 जून शाम 5 बजे तक तीन दिन की राहत मंजूर की है।
अदालत ने जमानत के लिए एक लाख रुपये का निजी मुचलका भरने की शर्त रखी है। साथ ही उमर खालिद को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के भीतर ही रहने और केवल घर तथा अस्पताल तक सीमित रहने का निर्देश दिया गया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उन्हें अन्य किसी गतिविधि की अनुमति नहीं होगी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने उल्लेख किया कि इससे पहले भी उमर खालिद को पारिवारिक कारणों और समारोहों के लिए अंतरिम राहत दी गई थी और उन्होंने निर्धारित सभी शर्तों का पालन किया था। इसी पृष्ठभूमि में अदालत ने इस बार भी सीमित अवधि के लिए राहत देने का निर्णय लिया।
हालांकि न्यायालय ने यह भी कहा कि मामले के आरोपों की गंभीरता बनी हुई है और उमर खालिद को आरोपपत्र में कथित रूप से प्रमुख षड्यंत्रकारियों में शामिल बताया गया है। इसके बावजूद अदालत ने उनकी मां की चिकित्सीय स्थिति को मानवीय आधार मानते हुए अंतरिम जमानत मंजूर की।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 में नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर को लेकर राष्ट्रीय राजधानी के उत्तर-पूर्वी इलाकों में व्यापक हिंसा भड़की थी। इस दौरान हिंसा और आगजनी में 53 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। मामले की जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने विभिन्न आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किए थे।
दिल्ली दंगा मामला पिछले कई वर्षों से न्यायिक प्रक्रिया में है और इससे जुड़े अनेक अभियुक्तों की जमानत याचिकाओं पर समय-समय पर सुनवाई होती रही है। उमर खालिद को मिली यह अंतरिम राहत भी सीमित अवधि और निर्धारित शर्तों के दायरे में रहेगी।




