रोम/नई दिल्ली, 20 मई (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इटली की राजधानी रोम में अपने यूरोप दौरे के अंतिम चरण में पहुंच गए हैं। यह उनकी इटली की पहली द्विपक्षीय यात्रा और कुल मिलाकर तीसरी यात्रा है, जिसे भारत और इटली के तेजी से मजबूत होते रणनीतिक संबंधों के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे के दौरान इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मट्टेरेल्ला और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ महत्वपूर्ण बैठकें प्रस्तावित हैं। इन बैठकों में व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक चुनौतियों पर सहयोग बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा की जा रही है। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में बढ़े संवाद ने संबंधों को नई दिशा दी है।
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भारत और इटली के रिश्तों को “सच्ची दोस्ती” और साझा विश्वास पर आधारित बताया है। उनका कहना है कि दोनों देशों के बीच निरंतर संवाद और उच्च स्तरीय संपर्कों ने संबंधों को केवल मित्रता तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि उन्हें विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचा दिया है। पिछले वर्षों में दोनों नेताओं के बीच कई महत्वपूर्ण मुलाकातें इस बढ़ते विश्वास का संकेत मानी जा रही हैं।
आर्थिक सहयोग इस यात्रा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनिंदा भारतीय और इतालवी उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी संवाद किया। माना जा रहा है कि वाहन निर्माण, मशीनरी, औषधि, आधारभूत संरचना, खाद्य प्रसंस्करण तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश और साझेदारी को और मजबूत करने पर विशेष बल दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच आयोजित व्यापार मंचों के बाद आर्थिक संबंधों में उल्लेखनीय तेजी आई है।
भारत और इटली ने विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी को भविष्य की साझेदारी का आधार माना है। उभरती तकनीकों, कृत्रिम मेधा, अंतरिक्ष, महत्वपूर्ण खनिज तथा ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विशेष चर्चा हुई। दोनों देशों का मानना है कि भविष्य की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में तकनीकी क्षमता और नवाचार निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग भी वार्ता के प्रमुख विषयों में शामिल रहा। नियमित रक्षा संवाद, सैन्य संपर्क और सामरिक सहयोग को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया। आतंकवाद के वित्तपोषण, अंतरराष्ट्रीय अपराध और समुद्री सुरक्षा जैसी चुनौतियों के विरुद्ध संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर भी सहमति बनी।
इटली में भारतीय समुदाय की मजबूत मौजूदगी को भी दोनों देशों के संबंधों का महत्वपूर्ण आधार माना गया। इटली में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग और विद्यार्थी निवास कर रहे हैं, जिससे सांस्कृतिक और शैक्षणिक संपर्क लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों देशों ने लोगों के बीच संपर्क और शिक्षा सहयोग को और बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई है।
इटली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय संस्कृति की वैश्विक लोकप्रियता की झलक भी साझा की। रोम में इतालवी कलाकारों द्वारा भारतीय शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति और भारतीय संस्कृति से प्रेरित कलाकृतियों ने सांस्कृतिक संबंधों की गहराई को रेखांकित किया। वाराणसी पर आधारित चित्रकला भेंट किए जाने को प्रधानमंत्री ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति बढ़ती वैश्विक रुचि का प्रतीक बताया।
विशेषज्ञों के अनुसार यह यात्रा केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत और इटली के बीच व्यापार, तकनीक, ऊर्जा और वैश्विक सहयोग की नई संभावनाओं को आकार देने वाला महत्वपूर्ण अवसर है। दोनों देशों की बढ़ती निकटता आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई रणनीतिक साझेदारी का आधार बन सकती है।




