नई दिल्ली, 17 मई (वेब वार्ता)। 90 के दशक में निर्देशक करण जौहर ने हिंदी सिनेमा को कई यादगार रोमांटिक फिल्में दीं। इनमें कुछ कुछ होता है आज भी दर्शकों की पसंदीदा फिल्मों में गिनी जाती है। इस फिल्म का टाइटल ट्रैक आज भी सदाबहार गीतों में शामिल है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि शुरुआत में मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने इस गाने को लिखने से इनकार कर दिया था।
साल 1998 में रिलीज हुई इस फिल्म में शाहरुख खान, काजोल और रानी मुखर्जी की तिकड़ी नजर आई थी। फिल्म के गाने और कहानी को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। करीब 28 साल बाद भी इसके गीत लोगों की जुबान पर बने हुए हैं।
जावेद अख्तर ने ठुकराया था प्रस्ताव
गीतकार समीर अंजान ने एक बातचीत में बताया था कि फिल्म का टाइटल ट्रैक पहले जावेद अख्तर को ऑफर किया गया था, लेकिन उन्होंने इसे करने से मना कर दिया। उस समय करण जौहर अपनी पहली फिल्म को लेकर काफी घबराए हुए थे।
समीर अंजान ने बताया कि उन्हें लगा था कि फिल्म के लिए गहरे शब्दों और शायरी से भरा गीत चाहिए होगा। इसी सोच के साथ उन्होंने शुरुआत में कुछ कठिन और साहित्यिक शब्दों वाला गीत लिखा, लेकिन करण जौहर को वह पसंद नहीं आया।
करण जौहर को चाहिए थे आसान शब्द
समीर अंजान के अनुसार, करण जौहर ने उनसे कहा कि उन्हें बहुत ज्यादा शायरी नहीं चाहिए, बल्कि आसान और सीधे शब्दों वाला गीत चाहिए। इसके बाद उन्होंने दो से तीन दिन का समय लिया और फिर “कुछ कुछ होता है” वाला मुखड़ा तैयार किया।
समीर अंजान ने बताया कि जैसे ही करण जौहर ने यह गीत सुना, वह बेहद खुश हो गए। उन्होंने तुरंत कहा कि उन्हें बिल्कुल ऐसा ही गीत चाहिए था। हालांकि समीर अंजान को शुरुआत में लगा कि शायद यह गीत बहुत साधारण है, लेकिन करण को पूरा भरोसा था कि यही गाना लोगों के दिलों तक पहुंचेगा।
साल 1998 की सबसे बड़ी फिल्म बनी थी
रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ कुछ होता है साल 1998 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल थी। फिल्म का बजट करीब 10 से 14 करोड़ रुपए बताया जाता है, जबकि इसने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर करीब 47 करोड़ रुपए की कमाई की थी।
वहीं दुनियाभर में फिल्म ने 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार किया था। उस दौर में यह किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं माना गया।
आज भी पसंद की जाती है फिल्म
फिल्म में शाहरुख खान, काजोल और रानी मुखर्जी की तिकड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। रोमांटिक ड्रामा पर आधारित इस फिल्म की कहानी, संवाद और गाने आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय हैं। खासकर इसका टाइटल ट्रैक आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे आइकॉनिक गीतों में गिना जाता है।




