इंदौर, 11 मई (वेब वार्ता)। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के नवलखा क्षेत्र में सोमवार सुबह बड़ा अग्निकांड हो गया। पार्किंग में खड़ी पांच बसों में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे कुछ ही देर में सभी बसें जलकर खाक हो गईं। घटना के समय बसों में कोई यात्री मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा जनहानि हादसा टल गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एक बस में मरम्मत और वेल्डिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान निकली चिंगारी से बस में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पास में खड़ी अन्य बसों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि दूसरी बसों को हटाने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ ही मिनटों में एक के बाद एक पांच बसें धू-धू कर जलने लगीं। आग के दौरान कई धमाकों की आवाजें भी सुनाई दीं और इलाके में काले धुएं का गुबार फैल गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी, लेकिन जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, तब तक बसें पूरी तरह जल चुकी थीं।
बताया जा रहा है कि नवलखा क्षेत्र में आसपास के राज्यों से आने वाली निजी बसें पार्क की जाती हैं और शाम के समय यहां से यात्रियों को लेकर रवाना होती हैं। हादसे के समय वहां 25 से अधिक बसें खड़ी थीं। कुछ बस चालकों ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते अपनी बसों को वहां से हटा लिया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
घटना के बाद स्थानीय पार्षद मनीष शर्मा भी मौके पर पहुंचे और विरोध जताते हुए धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि रहवासी क्षेत्र में लंबे समय से निजी बसों की पार्किंग और मरम्मत कार्य किया जा रहा है, जिससे आसपास के लोगों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों के मौसम में वाहनों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। कई बार पेड़ों के नीचे खड़े वाहनों में सूखी पत्तियां इंजन के पास जमा हो जाती हैं, जो गर्म होने पर आग पकड़ सकती हैं। इसके अलावा वाहन के डैशबोर्ड पर रखी ज्वलनशील वस्तुएं, इत्र की बोतलें, चश्मा या पानी की बोतल भी तेज गर्मी में खतरे का कारण बन सकती हैं।
फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। आग लगने के कारणों और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।




