चंडीगढ़, 09 मई (वेब वार्ता)। अंबाला सिटी मेयर चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी के बीच भाजपा प्रत्याशी अक्षिता सैनी के नामांकन को लेकर बड़ा कानूनी विवाद सामने आया है। कांग्रेस प्रत्याशी कुलविंदर कौर ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अक्षिता सैनी के नामांकन को चुनौती दी है।
याचिका में रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा भाजपा प्रत्याशी के नामांकन को स्वीकार किए जाने के फैसले को रद्द करने की मांग की गई है। मामले की सुनवाई मतदान के एक दिन बाद 11 मई को हाईकोर्ट में होने वाली है।
याचिकाकर्ता कुलविंदर कौर का आरोप है कि अक्षिता सैनी ने अपने चुनावी हलफनामे में वैवाहिक स्थिति और पति से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई है। याचिका के अनुसार, नामांकन पत्र के फॉर्म 1-सी में पति संबंधी कॉलम में ‘लागू नहीं’ लिखा गया, जबकि उन्होंने अपनी नाबालिग बेटी अनन्या सैनी का विवरण हलफनामे में दर्ज किया है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि पति से संबंधित कॉलम को लागू नहीं बताकर उनके पैन नंबर, आय और संपत्ति का विवरण छिपाया गया, जो चुनावी नियमों का उल्लंघन है। कांग्रेस प्रत्याशी की ओर से पेश अधिवक्ता नरिंदर सिंह बहगल ने अदालत में कहा कि अक्षिता सैनी ने वर्ष 2024 में अपने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ अंबाला सिटी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जो उनके विवाहित होने का प्रमाण है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने इन गंभीर आपत्तियों को केवल लिपिकीय त्रुटि मानते हुए खारिज कर दिया, जो मनमाना और अवैध निर्णय है।
अंबाला सिटी के सेक्टर-10 निवासी 60 वर्षीय कुलविंदर कौर ने संविधान के अनुच्छेद 226 और 227 के तहत यह याचिका दायर की है। उनका कहना है कि मतदाताओं को प्रत्याशी की पारिवारिक और वित्तीय पृष्ठभूमि जानने का पूरा अधिकार है और ऐसी जानकारी छिपाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है।
गौरतलब है कि राज्य चुनाव आयोग ने 13 अप्रैल को नगर निगम चुनाव की अधिसूचना जारी की थी। अब इस मामले में हाईकोर्ट के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं कि भाजपा प्रत्याशी चुनाव मैदान में बनी रहेंगी या उनका नामांकन रद्द किया जाएगा।




