नई दिल्ली, 08 मई (वेब वार्ता)। इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें संस्करण के बीच भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड ने सभी 10 फ्रेंचाइजी टीमों के लिए नई और सख्त गाइडलाइन जारी की है। लीग के 50 मुकाबले पूरे होने के बाद जारी सात पृष्ठों की इस सलाह में खिलाड़ियों, सहयोगी स्टाफ और टीम मालिकों के लिए सुरक्षा तथा अनुशासन से जुड़े कई अहम नियम निर्धारित किए गए हैं। विशेष रूप से खिलाड़ियों को हनी ट्रैप जैसे खतरों से सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।
बीसीसीआई ने स्पष्ट किया है कि खिलाड़ियों और स्टाफ को किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अनजान लोगों से दूरी बनाए रखनी होगी। बोर्ड का मानना है कि हनी ट्रैप जैसी घटनाएं खिलाड़ियों की निजी और पेशेवर छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसे मामलों में खिलाड़ियों या स्टाफ पर गंभीर आरोप लगने की आशंका भी बनी रहती है। इसी वजह से सभी टीमों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
हनी ट्रैप को लेकर जारी निर्देशों में बताया गया है कि किसी व्यक्ति को प्रेम, दोस्ती या शारीरिक आकर्षण के माध्यम से अपने जाल में फंसाकर उससे गोपनीय जानकारी हासिल करना या बाद में ब्लैकमेल करना हनी ट्रैप कहलाता है। बीसीसीआई ने खिलाड़ियों और अधिकारियों से कहा है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति पर आसानी से भरोसा न करें और अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचें।
नई गाइडलाइन के अनुसार, किसी भी बाहरी व्यक्ति को टीम मैनेजर की लिखित अनुमति के बिना खिलाड़ी या स्टाफ के होटल कक्ष में प्रवेश नहीं मिलेगा। चाहे वह रिश्तेदार ही क्यों न हो, बिना अनुमति किसी को कमरे तक पहुंचने की इजाजत नहीं होगी। खिलाड़ियों को मेहमानों से केवल निर्धारित स्थानों पर ही मिलने की अनुमति दी गई है।
इसके अलावा यदि कोई खिलाड़ी या स्टाफ सदस्य टीम होटल से बाहर जाना चाहता है तो उसे पहले संबंधित अधिकारी को इसकी जानकारी देनी होगी। अनुमति मिलने के बाद ही बाहर जाने की छूट होगी। खिलाड़ियों की आवाजाही का पूरा रिकॉर्ड भी रखा जाएगा, जिसे जरूरत पड़ने पर बीसीसीआई संचालन टीम को उपलब्ध कराया जाएगा।
बीसीसीआई ने मैच के दौरान टीम मालिकों और उनके सहयोगियों के लिए भी सख्त नियम बनाए हैं। बिना विशेष अनुमति के वे डगआउट या मैदान के आसपास खिलाड़ियों से बातचीत नहीं कर सकेंगे। साथ ही खिलाड़ियों, अधिकारियों और स्टाफ के लिए पहचान पत्र हर समय पहनना अनिवार्य किया गया है।
गाइडलाइन में यह भी साफ किया गया है कि ड्रेसिंग रूम, टीम होटल, अभ्यास स्थल और डगआउट समेत आईपीएल से जुड़े सभी स्थानों पर वेप, सिगरेट और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं के उपयोग पर पूरी तरह रोक रहेगी। फ्रेंचाइजी प्रबंधन को भी निर्देश दिए गए हैं कि सभी खिलाड़ियों और संबंधित लोगों को नियमों की पूरी जानकारी पहले से दी जाए, ताकि बाद में कोई अनभिज्ञता का बहाना न बना सके।
आईपीएल के प्लेऑफ चरण से पहले जारी इन नियमों को खिलाड़ियों की सुरक्षा, अनुशासन और प्रतियोगिता की गरिमा बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




