नई दिल्ली, 08 मई (वेब वार्ता)। पाकिस्तान के लिए कथित जासूसी करने के आरोपों में गिरफ्तार यूट्यूबर Jyoti Malhotra अब जमानत के लिए Supreme Court of India का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में हैं। हिसार की सेंट्रल जेल-2 में करीब एक वर्ष से बंद ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका स्थानीय अदालत और Punjab and Haryana High Court पहले ही खारिज कर चुके हैं।
जानकारी के अनुसार ‘ट्रैवल-विद-जो’ नाम से यूट्यूब चैनल चलाने वाली ज्योति मल्होत्रा को 16 मई 2025 को हिसार के सिविल लाइन थाना में दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि पाकिस्तान यात्रा के दौरान वह दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारी एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश के संपर्क में आई थीं।
पुलिस और जांच एजेंसियों के मुताबिक मोबाइल फोन के जरिए दोनों के बीच लगातार संपर्क बना रहा। एजेंसियों को आशंका है कि इस संपर्क के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील सूचनाओं का आदान-प्रदान किया गया हो सकता है। इसी आधार पर उन पर जासूसी और गोपनीयता कानून से संबंधित धाराएं लगाई गई थीं।
ज्योति मल्होत्रा की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता रविंद्र सिंह ढुल ने बताया कि अब सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बचाव पक्ष का मुख्य आधार ‘समानता’ का सिद्धांत होगा।
वकील के अनुसार हरियाणा और पंजाब के दो अन्य युवकों को, जिन पर इसी प्रकार जासूसी और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धाराएं लगाई गई थीं, अदालत से जमानत मिल चुकी है। इसी तथ्य को आधार बनाकर ज्योति मल्होत्रा के लिए भी राहत की मांग की जाएगी।
गौरतलब है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने जांच एजेंसियों द्वारा पेश किए गए उन साक्ष्यों पर गौर किया था, जिनमें याचिकाकर्ता के पड़ोसी देश के संदिग्ध अधिकारियों से संपर्क होने के संकेत मिले थे।
अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट में दायर होने वाली विशेष अनुमति याचिका पर टिकी हैं, जहां से ज्योति मल्होत्रा को राहत मिलने या न मिलने पर अगली कानूनी दिशा तय होगी।




