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होर्मुज पर टकराव तेज, ईरान अड़ा; जहाजों पर कार्रवाई से बढ़ी वैश्विक चिंता

होर्मुज, 24 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर हालात और गंभीर होते जा रहे हैं। जंग जैसी स्थिति के बीच तेहरान को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, जबकि वाशिंगटन की ओर से वार्ता के लिए दबाव बढ़ाया जा रहा है। हालांकि ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उसकी कथित जब्त संपत्ति जारी नहीं की जाती, तब तक जलडमरूमध्य को बंद रखने का फैसला जारी रहेगा।

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ कहा है कि लगभग 11 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति जारी किए बिना किसी तरह की ढील संभव नहीं है। इस बयान से कूटनीतिक गतिरोध और गहराता नजर आ रहा है।

दूसरी ओर ईरानी मीडिया ने Donald Trump के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने होर्मुज पर अमेरिका के पूर्ण नियंत्रण की बात कही थी। जमीनी रिपोर्टों के अनुसार यह क्षेत्र ईरानी बलों की कड़ी निगरानी में है।

तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को निर्देश दिए हैं कि संदिग्ध गतिविधियों में शामिल नावों को तुरंत नष्ट किया जाए। वहीं भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए पश्चिम एशिया में रह रहे लोगों के लिए सलाह जारी की है, जिसमें सुरक्षित स्थानों पर जाने या क्षेत्र छोड़ने की अपील की गई है।

इस बीच एक विवाद तब सामने आया जब ट्रंप के एक सोशल मीडिया साझा संदेश में भारत समेत कुछ देशों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी सामने आई। इस पर अमेरिकी प्रशासन ने सफाई देते हुए कहा कि ट्रंप भारत को एक महान देश मानते हैं और उसके नेतृत्व को अपना अच्छा मित्र बताते हैं।

भारत की ओर से Randhir Jaiswal ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने संबंधित खबरें देखी हैं, लेकिन इस पर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की जाएगी।

इसी दौरान होर्मुज के पास समुद्री तनाव के बीच ईरान ने तीन विदेशी जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की। “फ्रांसेस्का” और “एपामिनोंडास” नामक जहाजों को ईरानी सुरक्षा बलों ने अपने कब्जे में ले लिया, जबकि “यूफोरिया” पर गोलीबारी की गई।

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव Mukesh Mangal ने जानकारी दी कि इन जहाजों में भारतीय नाविक भी सवार थे, लेकिन सभी सुरक्षित हैं। “एपामिनोंडास” में 21 सदस्यीय चालक दल में एक भारतीय शामिल है, जबकि “यूफोरिया” पर 21 भारतीय मौजूद थे।

अधिकारियों के अनुसार, कब्जे में लिए गए जहाज फिलहाल फारस की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में, ईरान के नियंत्रण वाले क्षेत्र में हैं, जबकि “यूफोरिया” पूर्वी हिस्से में पहुंचकर खतरे के क्षेत्र से बाहर निकल चुका है।

ईरान का दावा है कि इन जहाजों ने पारगमन नियमों का उल्लंघन किया, जबकि कुछ समुद्री सूत्रों के अनुसार कम से कम एक जहाज के पास पूर्व अनुमति थी। इस घटनाक्रम को अमेरिका द्वारा ईरानी जहाजों और बंदरगाहों पर की गई कार्रवाई के जवाब के रूप में भी देखा जा रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता यह तनाव वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। फिलहाल भारतीय नाविकों के सुरक्षित होने से राहत जरूर मिली है, लेकिन क्षेत्रीय हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं।

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