हिसार, 24 अप्रैल (वेब वार्ता)। हिसार में गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) प्रकरण को लेकर प्रदेश की सियासत तेज हो गई है। बढ़ते तापमान के साथ राजनीतिक माहौल भी गरमाता नजर आ रहा है। Digvijay Chautala ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी है।
चौधरी देवीलाल सदन में आयोजित बैठक में दिग्विजय चौटाला ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ 27 अप्रैल को प्रस्तावित छात्र महापंचायत को सफल बनाने को लेकर रणनीति तैयार की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई एक-दो दिन की नहीं, बल्कि लंबी चलेगी और सरकार को सबक सिखाने के लिए व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
दिग्विजय चौटाला ने आरोप लगाया कि भिवानी में बिना नंबर प्लेट की बोलेरो गाड़ी से उनका पीछा किया गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने पुलिस अधीक्षक को फोन पर शिकायत भी दर्ज कराई है। उनके अनुसार जब वे इस घटना का वीडियो बनाने लगे तो संदिग्ध वाहन बामला गांव की ओर मुड़ गया।
मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini के जांच संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि छोटी घटनाओं पर तुरंत प्राथमिकी दर्ज हो जाती है, लेकिन गंभीर मामलों में कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आधी रात को छात्रों को उठाने वाली टीम का नेतृत्व करने वाला अधिकारी विशेष जांच दल का प्रमुख कैसे बनाया जा सकता है।
राजनीतिक समीकरणों पर बोलते हुए दिग्विजय चौटाला ने Arvind Kejriwal से मुलाकात को औपचारिक बताया और कहा कि भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ विपक्ष एकजुट रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसान नेता Rakesh Tikait की सलाह पर वे गांव, खाप, पंचायतों और किसान संगठनों का समर्थन जुटाएंगे।
उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय दिलाने के लिए व्यापक जनसमर्थन जुटाया जाएगा और परिवार व समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर आंदोलन को मजबूत किया जाएगा। दिग्विजय चौटाला ने यह भी कहा कि उनके परिवार के वरिष्ठ सदस्य Ranjit Chautala ने भी हिसार की घटना को गलत बताया है।
बैठक में कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने आंदोलन को सफल बनाने के लिए अपने-अपने स्तर पर जिम्मेदारियां संभालने का संकल्प लिया।





