नासिक, 24 अप्रैल (वेब वार्ता)। महाराष्ट्र के नासिक स्थित एक निजी कंपनी में कथित उत्पीड़न और धर्मांतरण से जुड़े मामले ने देशभर में चिंता पैदा कर दी है। पीड़िता के ताजा बयान सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। महिला ने आरोप लगाया है कि उसे लंबे समय तक मानसिक प्रताड़ना, धार्मिक भावनाओं पर चोट और शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।
शिकायत के अनुसार, पीड़िता ने बताया कि कार्यालय में उसे बार-बार अपमानजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। उसने आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारियों ने उसके धर्म को लेकर आपत्तिजनक बातें कहीं और उसे मानसिक रूप से परेशान किया। महिला का यह भी कहना है कि उसके साथ लगातार पीछा करने और सामाजिक माध्यमों पर परेशान करने जैसी घटनाएं भी हुईं।
पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान एक टीम लीडर ने उसके साथ अनुचित व्यवहार किया। इसके अलावा कार्यालय की पेंट्री में भी उसके साथ छेड़छाड़ की घटना हुई। महिला के अनुसार, उसकी निजी और वैवाहिक जीवन को लेकर भी अभद्र टिप्पणियां की गईं, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई।
मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम ने अब तक कई प्राथमिकी दर्ज कर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला प्रबंधक भी शामिल है। आरोपियों पर यौन उत्पीड़न, धार्मिक भावनाएं आहत करने, मानसिक प्रताड़ना और जबरन धर्म परिवर्तन की कोशिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
इस मामले में एक अन्य आरोपी निदा खान की तलाश जारी है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। इस बीच निदा खान ने नासिक सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है, जिस पर सुनवाई जारी है।
कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के उत्पीड़न को लेकर शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई गई है। कंपनी ने कुछ कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है और मामले की जांच के लिए एक आंतरिक समिति के साथ बाहरी विशेषज्ञों को भी शामिल किया है।
फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है।





