अहिल्यानगर, 24 अप्रैल (वेब वार्ता)। महाराष्ट्र के शिर्डी और कोपरगांव में प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कई ठिकानों पर छापेमारी की। Enforcement Directorate की इस कार्रवाई के दायरे में शिर्डी स्थित होटल ‘मैरीगोल्ड’ के मालिक Nilesh Bhanusaheb Jape आए हैं, जिनका नाम कथित तौर पर भोंदू बाबा Ashok Kharat से जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेन-देन में सामने आया है।
ईडी की टीमों ने सुबह कोपरगांव के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित जापे की वस्त्र इकाई पर तलाशी अभियान शुरू किया। इसके बाद शिर्डी में होटल और आवासीय परिसर पर एक साथ छापेमारी की गई। इस दौरान अधिकारियों ने जापे से पूछताछ कर संदिग्ध लेन-देन से जुड़ी जानकारी जुटाई।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई खरात के करीबी सहयोगी Arvind Pandurang Bavake से हुई पूछताछ के बाद तेज हुई। बावके फिलहाल कोपरगांव उपजेल में न्यायिक हिरासत में है। ईडी ने धन शोधन निवारण कानून के तहत विशेष अदालत की अनुमति लेकर उससे जेल में ही पूछताछ की थी, जिसमें होटल कारोबार से जुड़े एक संदिग्ध धन प्रवाह के संकेत मिले।
जांच में सामने आया है कि पिछले वर्ष शिर्डी में एक जमीन सौदे के लिए कथित रूप से करीब 15 करोड़ रुपये नकद दिए गए थे। यह रकम ब्याज पर दी गई थी और सौदा न होने की स्थिति में इसे लौटाने की शर्त रखी गई थी। हालांकि सौदा पूरा नहीं हुआ, लेकिन न तो रकम वापस मांगी गई और न ही कोई ब्याज लिया गया, जिससे एजेंसियों को मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका हुई है।
प्रवर्तन निदेशालय अब इस पहलू की जांच कर रहा है कि कहीं कारोबारी गतिविधियों का इस्तेमाल अवैध धन को वैध बनाने के लिए तो नहीं किया गया। एजेंसी ने जापे को बयान दर्ज कराने के लिए मुंबई स्थित कार्यालय में तलब किया है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी ईडी खरात से जुड़े सैकड़ों करोड़ रुपये की संदिग्ध संपत्तियों की जांच कर चुकी है। अब शिर्डी और कोपरगांव के होटल क्षेत्र में की जा रही यह कार्रवाई मामले में नए पहलुओं की ओर संकेत कर रही है।





