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अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर, तेहरान में सक्रिय हुआ एयर डिफेंस; होर्मुज पर टकराव गहराया

वाशिंगटन, 24 अप्रैल (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी ने हालात को बेहद गंभीर बना दिया है। ईरान की राजधानी तेहरान में एयर डिफेंस सिस्टम के सक्रिय होने की खबरों ने क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, शहर के कई हिस्सों में रक्षा प्रणाली संदिग्ध हवाई लक्ष्यों को रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम करती सुनी गई।

तनाव का मुख्य केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य बना हुआ है, जहां स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। Donald Trump ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि माइन्स बिछाने वाली किसी भी छोटी नाव को तुरंत नष्ट कर दिया जाए। उन्होंने यह दावा भी किया कि इस समय जलडमरूमध्य पर पूरी तरह अमेरिका का नियंत्रण है। इस बयान के बाद क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां और तेज हो गई हैं।

इसी बीच भारत ने अपने नागरिकों के लिए नई सलाह जारी की है, जिसमें उन्हें ईरान छोड़ने की अपील की गई है। हाल ही में दुबई से गुजरात आ रहे एक जहाज को ईरान की आईआरजीसी नौसैनिक इकाई द्वारा जब्त किए जाने की घटना ने स्थिति को और चिंताजनक बना दिया है।

क्षेत्रीय समीकरणों को और जटिल बनाते हुए Israel Katz ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि उनकी सेना किसी भी संभावित कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है और लक्ष्यों की पहचान भी कर ली गई है। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए अमेरिका की अनुमति का इंतजार किया जा रहा है।

दूसरी ओर, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए नई शर्त रख दी है। तेहरान का कहना है कि जब तक उसकी लगभग 11 ट्रिलियन डॉलर की जब्त संपत्ति जारी नहीं की जाती, तब तक जलमार्ग को नहीं खोला जाएगा। यह शर्त अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक गतिरोध को और बढ़ा सकती है।

इस बीच एक अन्य विवाद में अमेरिका को सफाई देनी पड़ी। Donald Trump द्वारा साझा की गई एक पोस्ट में कुछ देशों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां सामने आई थीं। इस पर अमेरिकी दूतावास ने स्पष्ट किया कि ट्रंप भारत को एक महान देश मानते हैं और उसके नेतृत्व को अपना अच्छा मित्र बताते हैं।

भारत की ओर से Randhir Jaiswal ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने संबंधित खबरें देखी हैं, लेकिन इस पर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की जाएगी।

तेहरान में सैन्य सक्रियता, होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ता तनाव और वैश्विक शक्तियों के बीच बढ़ती कूटनीतिक खींचतान मिलकर पूरे क्षेत्र को एक बड़े संकट की ओर धकेलते नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में यह टकराव किस दिशा में जाएगा, इस पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।

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