नासिक, 24 अप्रैल (वेब वार्ता)। महाराष्ट्र के नासिक स्थित सत्र न्यायालय में आरोपी Nida Khan की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि 27 अप्रैल तक उन्हें किसी प्रकार की अंतरिम सुरक्षा नहीं दी जाएगी।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने अदालत से अंतरिम संरक्षण देने की मांग की थी, ताकि अंतिम निर्णय तक आरोपी को गिरफ्तारी से राहत मिल सके। हालांकि अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह मांग अस्वीकार कर दी।
वहीं शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से पेश हुए अधिवक्ता Milind Kurkute ने अदालत से अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा। उन्होंने बताया कि वे पीड़िता की ओर से पेश हुए हैं और अपना लिखित जवाब रिकॉर्ड पर रखने की अनुमति चाहते हैं। अदालत ने उन्हें यह अनुमति दे दी है।
मामला एक निजी कंपनी से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के आरोपों से संबंधित है, जिसकी गंभीरता को देखते हुए न्यायालय का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अदालत ने इस प्रकरण की अगली सुनवाई 27 अप्रैल के लिए निर्धारित की है। उस दिन पीड़िता, जांच एजेंसियों और दोनों पक्षों की ओर से विस्तृत दलीलें पेश की जाएंगी, जिसके बाद मामले में आगे की कार्यवाही तय की जाएगी।





