लखनऊ, 22 अप्रैल (वेब वार्ता)। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर पार्टी के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा है कि इसमें किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि इस विषय पर पार्टी की आधिकारिक नीति को ही प्रचारित किया जाए और किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बनने दी जाए।
मायावती ने अपने संदेश में कहा कि 15 अप्रैल को तय की गई पार्टी की नीति ही अंतिम है और उसी के अनुसार सभी को कार्य करना है। उन्होंने विशेष रूप से आगाह किया कि पार्टी अनुशासन के तहत इस मुद्दे पर कोई भी धरना-प्रदर्शन या सार्वजनिक विरोध नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने सभी जिलाध्यक्षों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को यह भी निर्देश दिया कि हाल ही में 31 मार्च को लखनऊ में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ पालन किया जाए। इन निर्देशों में संगठन को मजबूत करना, कैडर के माध्यम से जनाधार बढ़ाना, आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करना और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी शामिल है।
बसपा प्रमुख ने कहा कि पार्टी की बैठकों में उत्तर प्रदेश में उनकी सरकार के दौरान किए गए विकास कार्यों और जनहित योजनाओं को प्रमुखता से बताया जाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं, जैसे एक्सप्रेसवे और नोएडा में हवाई अड्डे की योजनाएं, बसपा शासनकाल में ही तैयार की गई थीं।
मायावती ने यह भी आरोप लगाया कि उस समय केंद्र में रही कांग्रेस सरकार ने जातिगत मानसिकता के चलते बसपा सरकार के कार्यों में बाधाएं उत्पन्न कीं, जिसके कारण कई योजनाएं पूरी नहीं हो सकीं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जनता के बीच जाकर इन तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करें, ताकि पार्टी की नीतियों और उपलब्धियों के प्रति लोगों में विश्वास बढ़े।



