तेहरान | वेब वार्ता
ईरान के साथ चल रहा युद्ध चौथे हफ्ते में पहुंच चुका है और इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध की शुरुआत को लेकर एक नया बयान दिया है. इससे यह सवाल और बढ़ गया है कि आखिर यह युद्ध कैसे और क्यों शुरू हुआ. अमेरिका के टेनेसी में एक बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि उनके रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ सबसे पहले सैन्य कार्रवाई के पक्ष में बोले थे. ट्रंप के मुताबिक, हेगसेथ ने कहा था कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए कदम उठाना जरूरी है.
Rolling stone की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप प्रशासन के अंदर ईरान युद्ध से जुड़े मुद्दे पर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं. कुछ लोगों का कहना है कि इजरायल पहले से हमला करने की तैयारी में था, इसलिए अमेरिका को शामिल होना पड़ा. कुछ का कहना है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के करीब था. ट्रंप ने अपने अंदाज में बताया कि उन्होंने कई अधिकारियों से बात की और फिर फैसला लिया कि या तो समस्या को नजरअंदाज करें या फिर सीधे कार्रवाई कर उसे खत्म करें, लेकिन हालात उतने साफ नहीं हैं. ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की जवाबी कार्रवाई अचानक हुई और किसी ने इसकी उम्मीद नहीं की थी. जबकि कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पहले से चेतावनी दी गई थी, लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया.
Trump on Hegseth on the decision to start military campaign: “Pete, I think you were the first one to speak up. You said, ‘Let’s do it.” pic.twitter.com/av8Mk9K6Bo
— Open Source Intel (@Osint613) March 23, 2026
रक्षा मंत्री हेगसेथ को लेकर उठे सवाल
इस पूरे मामले में रक्षा मंत्री हेगसेथ सबसे ज्यादा सामने नजर आ रहे हैं. उन्होंने पेंटागन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान के मिसाइल, ड्रोन और नौसेना की ताकत को कमजोर करना है. उन्होंने यह भी कहा कि अभी यह बताना मुश्किल है कि यह ऑपरेशन कब खत्म होगा, लेकिन काम योजना के अनुसार चल रहा है. ट्रंप ने यह भी माना कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस युद्ध को लेकर उतने उत्साहित नहीं थे, हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई विरोध नहीं किया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेंजामिन नेतन्याहू और मीडिया निवेशक रूपर्ट मर्डोक जैसे कुछ लोग सैन्य कार्रवाई के पक्ष में थे, जबकि प्रशासन के कुछ अन्य लोग सावधानी बरतने की सलाह दे रहे थे. इस बीच एक और बड़ा मामला देखने को मिला, जब नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के पूर्व प्रमुख जो केंट ने इस विवाद के बीच इस्तीफा दे दिया.
ईरान के साथ समझौते की बात
ईरान युद्ध के बीच ट्रंप ने यह भी कहा है कि वह ईरान के साथ समझौता करना चाहते हैं. उन्होंने दावा किया कि उनके दामाद जेरेड कुशनर और दूत स्टीव विटकॉफ ईरान के एक बड़े नेता से बात कर रहे हैं. हालांकि ईरान ने इस तरह की किसी भी बातचीत से इनकार किया है. ट्रंप ने पहले ईरान को अपनी शर्तें मानने के लिए सोमवार तक का समय दिया था, लेकिन अब इस समय सीमा को 5 दिन और बढ़ा दिया गया है.



