नोएडा, दिल्ली-एनसीआर डेस्क | वेब वार्ता
नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की दुखद मौत के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग सतर्क हो गया है। इस घटना से सबक लेते हुए गौतमबुद्धनगर में जल सुरक्षा को लेकर व्यापक एक्शन प्लान तैयार किया गया है। अब जिले में नदी, नहर और जलाशयों पर पुलिस की विशेष तैनाती की जाएगी, ताकि भविष्य में डूबने जैसी घटनाओं को रोका जा सके।
जल सुरक्षा के लिए बनाए जाएंगे विशेष पुलिस केंद्र
कमिश्नरेट पुलिस ने जिले में छह जल पुलिस चौकियां स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इन चौकियों का मुख्य उद्देश्य नदी और नहर किनारे होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना, भीड़ नियंत्रण करना और आपात स्थिति में त्वरित राहत पहुंचाना होगा। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में यह योजना जल्द लागू की जाएगी।
प्रस्तावित जल पुलिस चौकियों का विवरण
| स्थान | क्षेत्र | मुख्य उद्देश्य |
|---|---|---|
| ओखला बैराज | यमुना क्षेत्र | भीड़ नियंत्रण और निगरानी |
| हिंडन नदी | नोएडा | डूबने की घटनाओं की रोकथाम |
| यमुना तट | ग्रेटर नोएडा | त्योहारों में सुरक्षा |
| कोट नहर | दनकौर क्षेत्र | स्थानीय निगरानी |
| खेरली नहर | ग्रामीण क्षेत्र | आपदा प्रबंधन |
| रबूपुरा | सीमावर्ती क्षेत्र | त्वरित रेस्क्यू |
- कुल प्रस्तावित चौकियां: 6
- मुख्य फोकस: डूबने की घटनाओं पर रोक
- संसाधन: रेस्क्यू बोट, गोताखोर, आपदा मित्र
- विशेष ध्यान: त्योहार और भीड़भाड़ वाले दिन
एनडीआरएफ और प्रशासन की संयुक्त मॉक ड्रिल
जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एनडीआरएफ और जिला प्रशासन द्वारा ग्राम खेरली हफीजपुर में संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा के समय बेहतर तालमेल, त्वरित बचाव और ग्रामीणों को जागरूक करना था। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को जल दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय भी बताए।
आधुनिक संसाधनों से लैस होंगी जल चौकियां
प्रशासन के अनुसार, सभी जल पुलिस चौकियों को आधुनिक तकनीक और संसाधनों से लैस किया जाएगा। इनमें रेस्क्यू बोट, प्रशिक्षित गोताखोर, लाइफ जैकेट, प्राथमिक उपचार किट और आपदा मित्रों की टीम शामिल होगी। साथ ही नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
एसडीएम ने दी जानकारी
इस संबंध में एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता ने बताया कि प्रशासन का उद्देश्य जल स्रोतों के आसपास स्थायी सुरक्षा व्यवस्था विकसित करना है। उन्होंने कहा कि युवराज की घटना से सीख लेते हुए अब किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
निष्कर्ष
नोएडा में युवराज की मौत के बाद तैयार किया गया यह जल सुरक्षा एक्शन प्लान जिले के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जल पुलिस चौकियों, आधुनिक संसाधनों, मॉक ड्रिल और जन-जागरूकता से भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकेगा। यह पहल प्रशासन की जन-सुरक्षा के प्रति गंभीरता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
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