नई दिल्ली, डेस्क | वेब वार्ता
अमेरिका दौरे पर गए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने वॉशिंगटन में आयोजित क्रिटिकल मिनिरल्स मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया। यह बैठक अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की पहल पर आयोजित की गई, जिसमें 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर आवश्यक खनिजों की आपूर्ति, सहयोग और रणनीतिक समन्वय को मजबूत करना रहा।
महत्वपूर्ण खनिजों पर वैश्विक चर्चा
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि बैठक में महत्वपूर्ण खनिजों को लेकर हुई चर्चा उपयोगी और परिणामोन्मुख रही। उन्होंने बताया कि ऊर्जा परिवर्तन, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा क्षेत्रों में इन खनिजों की भूमिका लगातार बढ़ रही है, ऐसे में इनकी आपूर्ति को लेकर अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक हो गया है।
FORGE पहल का नया संस्करण लॉन्च
बैठक के दौरान Mineral Security Partnership (MSP) के अंतर्गत Forum on Resource Geostrategic Engagement (FORGE) पहल के नए संस्करण का शुभारंभ किया गया। विदेश मंत्री ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य ज़रूरी खनिजों की सुरक्षित, विविध और भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखला विकसित करना है। भारत ने इस पहल को समर्थन दिया है।
भारत-अमेरिका सहयोग पर जोर
डॉ. जयशंकर ने कहा कि अमेरिका इस क्षेत्र में भारत का लंबे समय से भागीदार रहा है। उन्होंने बताया कि महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़ा सहयोग भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों का एक महत्वपूर्ण पक्ष है, जिससे दोनों देशों के साथ-साथ वैश्विक आपूर्ति तंत्र को भी लाभ होगा।
बैठक से जुड़ी प्रमुख जानकारियां
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| बैठक स्थल | वॉशिंगटन, अमेरिका |
| आयोजक पहल | अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो |
| प्रतिभागी देश | 50 से अधिक |
| प्रमुख पहल | FORGE (नया संस्करण) |
| भारत की भूमिका | FORGE पहल को समर्थन |
अमेरिका दौरे को बताया उपयोगी
विदेश मंत्री ने अपने अमेरिका दौरे को उपयोगी और सार्थक बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की बहुपक्षीय बैठकों से वैश्विक चुनौतियों पर साझा समझ बनती है और भारत की प्राथमिकताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखने का अवसर मिलता है।
- 50 से अधिक देशों की मंत्रिस्तरीय भागीदारी
- क्रिटिकल मिनिरल्स की आपूर्ति पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग
- भारत-अमेरिका साझेदारी को मजबूती
निष्कर्ष
वॉशिंगटन में आयोजित क्रिटिकल मिनिरल्स मंत्रिस्तरीय बैठक में भारत की भागीदारी से यह स्पष्ट होता है कि देश सुरक्षित और टिकाऊ आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। FORGE पहल को समर्थन देकर भारत ने वैश्विक संसाधन सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
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