नोएडा, डेस्क | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘हेरिटेज सिटी’ को लेकर यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने अब तक की सबसे बड़ी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नोएडा और मथुरा के बीच स्थित इस महत्वाकांक्षी परियोजना की करीब 1000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की भूमि को बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है।
भू-माफियाओं के अवैध निर्माण ध्वस्त
प्राधिकरण के अनुसार, यमुना नदी के किनारे लंबे समय से भू-माफियाओं द्वारा अवैध होटल, ढाबे और कॉलोनियां विकसित की जा रही थीं। कार्रवाई के दौरान करीब दो हेक्टेयर क्षेत्र में बसाई जा रही एक अवैध कॉलोनी के साथ-साथ अरवा और पिपरौली खादर में विकसित की जा रही दो बड़ी अवैध कॉलोनियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
25 हेक्टेयर जमीन कब्जा मुक्त
इस अभियान में कुल मिलाकर करीब 25 हेक्टेयर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार यह भूमि हेरिटेज सिटी परियोजना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिस पर अवैध कब्जे के कारण परियोजना के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न हो रही थी।
कार्रवाई से जुड़ी प्रमुख जानकारियां
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| परियोजना | हेरिटेज सिटी (ड्रीम प्रोजेक्ट) |
| कुल मुक्त भूमि | लगभग 25 हेक्टेयर |
| अनुमानित बाजार मूल्य | ₹1000 करोड़ से अधिक |
| कार्रवाई का नेतृत्व | ओएसडी शैलेंद्र कुमार सिंह |
| सुरक्षा व्यवस्था | 11 थानों की पुलिस फोर्स व पीएसी |
कड़ी सुरक्षा में चला बुलडोजर
अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए 11 थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी के जवान तैनात किए गए थे। अभियान सुबह से शाम 6 बजे तक चला और इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।
हेरिटेज सिटी परियोजना को मिलेगी गति
प्रशासन का मानना है कि जमीन अतिक्रमण मुक्त होने के बाद हेरिटेज सिटी परियोजना के विकास कार्यों में तेजी आएगी। यह परियोजना पर्यटन, संस्कृति और रोजगार के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है और इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
- भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई
- हेरिटेज सिटी की जमीन पूरी तरह सुरक्षित
- परियोजना को मिलेगी नई रफ्तार
निष्कर्ष
नोएडा में की गई यह कार्रवाई अवैध कब्जों के खिलाफ सरकार की सख्त नीति को दर्शाती है। 1000 करोड़ रुपये से अधिक की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ड्रीम प्रोजेक्ट्स में बाधा डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हेरिटेज सिटी के विकास से क्षेत्र में पर्यटन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
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