इजरायली चेकपॉइंट के जरिए पहुंच रही सहायता सामग्री, फिर भी गाजा में वितरण मुश्किल: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यकर्ता

संयुक्त राष्ट्र, (वेब वार्ता)। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने चेतावनी दी है कि गाजा पट्टी में भयावह भूख और मानवीय संकट के बीच सहायता सामग्री का समय पर और सुरक्षित वितरण इज़रायली सैन्य नियंत्रण और लूटपाट के कारण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। भले ही कुछ सहायता सामग्री इज़रायली चेकपॉइंट से पार हो रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि उसे ज़रूरतमंदों तक पहुंचाना एक कठिन और खतरनाक कार्य बन गया है।


📍 मुख्य बिंदु:

  • केरेम शालोम क्रॉसिंग ही एकमात्र रास्ता: इज़रायली अधिकारियों ने OCHA और अन्य एजेंसियों के लिए गाजा में प्रवेश हेतु केवल केरेम शालोम/अबू सलेम क्रॉसिंग को खोला है। लेकिन यह मार्ग भी पूरी तरह सैन्यीकृत है और बार-बार रुकावटें आती हैं।

  • सुरक्षा खतरा बना हुआ है: सहायता सामग्री ले जा रहे ट्रकों को लंबे समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है, जिससे ड्राइवरों और स्वयंसेवकों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा होता है।

  • लूटपाट ने वितरण को बाधित किया: जब राहत सामग्री गाजा में पहुंचती है, तो उसे सामुदायिक केंद्रों तक पहुंचने से पहले ही लूट लिया जाता है। इस कारण वास्तविक जरूरतमंद तक सामग्री नहीं पहुंच पा रही है।

  • मानवाधिकार संगठनों की मांग: संयुक्त राष्ट्र ने इज़रायल से सभी क्रॉसिंग पॉइंट्स खोलने और विविध मार्गों से निर्बाध प्रवेश की अनुमति देने की अपील की है।


📉 वितरण प्रयासों की चुनौतियाँ:

OCHA के अनुसार, 23 से 29 जुलाई तक गाजा में मानवीय सहायता प्रयासों में से केवल 47% ही पूरी तरह सफल रहे, जबकि 11% को सुरक्षा कारणों से रद्द करना पड़ा। यह दर्शाता है कि प्रतिबंधों और सैन्यीकृत मार्गों ने राहत कार्यों को लगभग असंभव बना दिया है।


⚠️ गंभीर मानवीय संकट:

गाजा में लाखों लोग भोजन, दवा, साफ पानी और आश्रय के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
सहायता सामग्री में गेहूं का आटा, उच्च ऊर्जा वाले बिस्किट, रेडी-टू-ईट राशन, पोषण उत्पाद, और स्वच्छता किट शामिल हैं, लेकिन इन्हें जरूरतमंदों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बना हुआ है।


🗣️ संयुक्त राष्ट्र की टिप्पणी:

“गाजा में बेरोकटोक सहायता सामग्री पहुंचना अत्यंत आवश्यक है। जब हम असफल होते हैं, तो जानें जाती हैं, समय और संसाधन बर्बाद होते हैं, और हमारे प्रयास विफल हो जाते हैं।”


🌍 विकल्प के रूप में सामुदायिक वितरण केंद्र:

संयुक्त राष्ट्र और उसके साझेदार अब इज़रायली और अमेरिका प्रायोजित चार जीएचएफ केंद्रों के बजाय 400 से अधिक स्थानीय सामुदायिक वितरण केंद्रों के माध्यम से सामग्री पहुंचाने पर जोर दे रहे हैं, क्योंकि जीएचएफ केंद्रों पर नियंत्रण और अराजकता अधिक है।


📣 अंतरराष्ट्रीय अपील:

OCHA और अन्य वैश्विक संस्थानों ने इज़रायल सरकार से आग्रह किया है कि:

  • सभी क्रॉसिंग पॉइंट्स खोले जाएं।

  • मानवीय और वाणिज्यिक आपूर्ति को एक साथ, बिना बाधा के प्रवेश की अनुमति दी जाए।

  • राहत कार्यकर्ताओं की सुरक्षा की गारंटी दी जाए।

  • गाजा को स्थायी राहत के लिए राजनीतिक समाधान की दिशा में बातचीत शुरू की जाए।


✍️ निष्कर्ष:

गाजा में मानवीय संकट हर गुजरते दिन के साथ और गंभीर होता जा रहा है। यदि विश्व समुदाय और इज़रायल ने तुरंत और मानवीय दृष्टिकोण से पहल नहीं की, तो यह केवल एक खाद्य संकट नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय नैतिक असफलता में बदल सकता है।

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