Thursday, February 12, 2026
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भारत-न्यूजीलैंड देंगे रक्षा और सुरक्षा साझेदारी को मजबूत और संस्थागत रूप

नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच सोमवार को प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। वार्ता में दोनों देशों ने अपनी रक्षा और सुरक्षा साझेदारी को मजबूत और संस्थागत रूप देने का निर्णय लिया है। दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता करेंगे। वर्ष 2026 को दोनों देश खेल संबंधों के 100 साल मनायेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री से उनके देश में भारत विरोधी गतिविधियों को लेकर अपनी चिंता साझा की।

दोनों नेताओं ने दिल्ली के हैदराबाद हाउस में वार्ता के बाद संयुक्त रूप से प्रेस वक्तव्य दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बताया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई है। रक्षा और सुरक्षा साझेदारी को दोनों देशों ने मजबूत और संस्थागत रूप देने का निर्णय लिया है। संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण और एक दूसरे के पोर्ट की यात्रा के साथ रक्षा उद्योग जगत में भी आपसी सहयोग के लिए रोड मैप बनाया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने इस दौरान जानकारी दी कि दोनों देश परस्पर लाभकारी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर वार्ता शुरू करेंगें। इससे आपसी व्यापार और निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा। स्पोर्ट्स कोचिंग, खिलाड़ियों और खेलों से जुड़े विज्ञान तथा साइकोलॉजी एवं दवा क्षेत्र में भी सहयोग पर बल दिया गया है। वर्ष 2026 को दोनों देशों के बीच खेल संबंधों के 100 साल पूरे होने के वर्ष के तौर पर मनाया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने क्राइस्ट चर्च और मुंबई हमलों की निंदा की और कहा कि आतंकवाद किसी भी रूप में अस्वीकार्य है। आतंकियों पर कार्रवाई आवश्यक है। आतंकवाद, अलगाववादियों और कट्टरपंथी तत्वों के खिलाफ दोनों देश मिलकर सहयोग करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि गैर कानूनी तत्वों के खिलाफ भी भारत को न्यूजीलैंड सरकार का सहयोग आगे भी मिलता रहेगा। हमने कुछ गैर कानूनी तत्वों द्वारा न्यूजीलैंड में भारत विरोधी गतिविधियां चलाये जाने को लेकर अपनी चिंता साझा की।

प्रधानमंत्री ने मुक्त, खुले, सुरक्षित और प्रगतिशील हिंद-प्रशांत के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता को दोहराया और कहा कि हम विकासवाद की नीति में विश्वास रखते हैं, विस्तारवाद की नीति में नहीं। हिन्द-प्रशांत सागरीय पहल से जुड़ने पर उन्होंने न्यूजीलैंड का स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के बाद आपदा अनुकुल बुनियादी ढांचा के लिए गठबंधन (सीडीआरआई) से जुड़ने के लिए भी न्यूजीलैंड का अभिनंदन किया।

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