पारस हॉस्पिटल कानपुर ने रचा कीर्तिमान, 75 वर्षीय महिला को लगाया वायरलेस पेसमेकर

-हरी शंकर शर्मा

कानपुर, 09 मई (वेब वार्ता)। कल्याणपुर – सिंहपुर स्थित पारस हॉस्पिटल ने हृदय की धड़कन से संबंधित समस्याओं के इलाज में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। अस्पताल के डॉक्टरो ने 75 वर्षीय महिलरा मरीज़ को एडवांस्ड वायरलेस हार्ट डिवाइस (माइक्रा एवी-2) इम्प्लांट किया, जोकि कानपुर में शहर का पहला एडवांस्ड वायरलेस हार्ट डिवाइस इम्प्लांट है। यह लीडलेस पेसमेकर माइक्रा एवी-2 कम चीरा लगाने वाली कैथेटर तकनीक का उपयोग करके इस डिवाइस को सीधे हृदय के अंदर इंप्लांट किया गया है।

कार्डियारेलॉजी कंसल्टेंट डॉ श्रीपद खैरनार ने एक प्रेसवार्ता के माध्यम से पत्रकारो को बताया कि 75 वर्षीय महिला पैर में फैक्चर की समस्या को लेकर अस्पताल में भर्ती हुई। जब महिला मरीज़ को फेफडो में कुछ दिक्कत हुई तो उनकी जांच की गई। जांच में सिक साइनस सिंड्रोम का पता चला था। डॉ श्रीपद खैरनार ने बताया कि महिला मरीज को ऐसी बीमारी है जिसमें हृदय का प्राकृतिक पेसमेकर चक्कर आने, बेहोशी होने और जानलेवा जटिलता होने पर मरीज को ज्यादा खतरा था। क्योंकि वह बाएं पैर के फ्रैक्चर से भी ठीक हो रही थी। इस कारण से तुरंत कार्डियक इंटरवेंशन ज़रूरी हो गया।

उन्होंने बताया कि इस मामले में एक और चिकित्सा चुनौती थी, क्योंकि मरीज़ को बाइलेटरल सबक्लेवियन वेन स्टेनोसिस था। यह एक ऐसी समस्या होती है जिसमें दोनों कॉलरबोन के नीचे की नसें सिकुड़ जाती हैं। इन्हीं नसों से पेसमेकर लीड्स आमतौर पर हृदय तक पहुँचाई जाती हैं। इस वजह से पारंपरिक लीड बेस्ड पेसमेकर इम्प्लांटेशन मुमकिन नहीं था। इन मुश्किलों को देखते हुए मेडिकल टीम ने माइक्रा एवी-2 लीडलेस पेसमेकर को चुना। यह एक एडवांस्ड डिवाइस है, जिसे बिना सर्जिकल पॉकेट्स या पेसिंग वायर्स की ज़रूरत के सीधे हृदय के अंदर इम्प्लांट किया जाता है। यह तरीका संक्रमण और लीड से जुड़ी मुश्किलों के खतरे को कम करने में मदद करता है, साथ ही तेज़ी से ठीक होने और मरीज़ को बेहतर आराम देने में भी मदद करता है।

इस बारे में और ज्यादा जानकारी साझा करते हुए पारस हॉस्पिटल कानपुर के फैसिलिटी डॉयरेक्टर रजत बजाज ने कहा, एडवांस्ड कार्डियक प्रक्रिया अक्सर बड़े मेट्रो शहरों के अस्पतालों में होती हैं। इसकी उपलब्धता उभरते शहरों में न होने से मरीज़ों को समय पर इलाज मिलने में देरी हो सकती है। माइक्रा एवी-2 लीडलेस पेसमेकर के सफल इम्प्लांटेशन से हम कानपुर में ही हाई एंड कार्डियक इंटरवेंशन की उपलब्धता सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि माइक्रा एवी-2 एक आधुनिक, बिना तार वाला पेसमेकर है। यह हृदय के ऊपरी और निचले चौंबर के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने में मदद करता है। इसकी बैटरी लाइफ लगभग 16 साल तक होती है। इसमें एडवांस्ड सेटिंग्स होती हैं, जिससे बार-बार एडजस्ट करने की जरूरत नहीं पड़ती। इसे पूरी तरह हृदय के अंदर लगाया जाता है, इसलिए तारों या सर्जिकल पॉकेट की आवश्यकता नहीं होती।

यह खासतौर पर उन मरीजों के लिए फायदेमंद है जिनकी नसें ब्लॉक होती हैं, बार-बार संक्रमण होता है या जिनमें सर्जरी का खतरा ज्यादा होता है। यह प्रक्रिया क्षेत्र में जटिल हृदय की धड़कन से संबंधित उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस एडवांस लीडलेस पेसमेकर की कीमत फिल्हाल 12.5 लाख है जोकि समान्य से पेसमेकर से पांच गुना ज्यादा है। लेकिन इस एडवासं लीडलेस पेसमेकर से मरीज को नया जीवन आसानी से दिया जा सकता है। प्रेसवार्ता के दौरान मार्केटिंग हेड सेल्स नितिन सारस्वत मौजूद रहे।

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