राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0 को सफल बनाने के लिए न्यायिक अधिकारियों के साथ जनपद न्यायाधीश की अहम बैठक

हरदोई, लक्ष्मी कान्त पाठक | वेब वार्ता

न्यायिक प्रणाली में त्वरित, सरल और आपसी सहमति से न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जनपद हरदोई में “राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0” को सफल बनाने हेतु न्यायिक अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरदोई रीता कौशिक की अध्यक्षता में संपन्न हुई।

राष्ट्रीय स्तर के निर्देशों के तहत हो रहा अभियान

अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदोई भूपेन्द्र ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशन में संचालित किया जा रहा है।

यह विशेष अभियान 01 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित वादों का सुलह-समझौते (मध्यस्थता) के माध्यम से शीघ्र और सौहार्दपूर्ण निस्तारण कराना है।

अधिक से अधिक सुलह योग्य वादों के निस्तारण के निर्देश

बैठक के दौरान जनपद न्यायाधीश रीता कौशिक ने सभी न्यायिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि:

  • अभियान के अंतर्गत सुलह योग्य वादों की पहचान की जाए

  • ऐसे अधिक से अधिक मामलों को मध्यस्थता केंद्र को संदर्भित किया जाए

  • पक्षकारों को मध्यस्थता के लाभों के बारे में जागरूक किया जाए

  • आपसी सहमति से मामलों का निस्तारण कर न्यायालयों पर बढ़ते बोझ को कम किया जाए

उन्होंने कहा कि मध्यस्थता न केवल समय और धन की बचत करती है, बल्कि इससे सामाजिक सौहार्द भी बना रहता है।

मध्यस्थता से मिलेगा त्वरित और सौहार्दपूर्ण न्याय

बैठक में यह भी बताया गया कि मध्यस्थता के माध्यम से पारिवारिक विवाद, वैवाहिक मामले, चेक बाउंस, भूमि विवाद, धन वसूली, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति जैसे कई मामलों का बिना लंबी न्यायिक प्रक्रिया के समाधान संभव है।

जनपद न्यायाधीश ने न्यायिक अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे इस अभियान को केवल औपचारिकता न मानते हुए, इसे जनहित और राष्ट्रहित से जुड़ा अभियान समझकर गंभीरता से लागू करें।

न्यायिक अधिकारियों की सक्रिय भूमिका पर जोर

बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि न्यायिक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी के बिना यह अभियान सफल नहीं हो सकता। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा करें और योग्य मामलों को शीघ्र मध्यस्थता प्रक्रिया में भेजें।

सभी न्यायिक अधिकारी रहे उपस्थित

इस अवसर पर जनपद के सभी न्यायिक अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे और अभियान को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

न्यायिक सुधार की दिशा में प्रभावी पहल

“राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0” न्यायिक सुधार की दिशा में एक प्रभावी पहल मानी जा रही है। इससे न केवल वादों के त्वरित निस्तारण में मदद मिलेगी, बल्कि आम नागरिकों को सुलभ, सस्ता और शीघ्र न्याय भी प्राप्त होगा। जनपद हरदोई में इस अभियान को लेकर न्यायिक प्रशासन की सक्रियता इसे सफल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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