Wednesday, February 18, 2026
व्हाट्सएप पर हमसे जुड़ें

अखिलेश यादव का चुनाव आयोग पर तीखा हमला: 3 करोड़ वोट कटने पर सवाल, BLO परिजनों को 2 लाख चेक देकर दी सहायता – लोकतंत्र बचाने की अपील

लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान 3 करोड़ वोट काटे गए हैं, जो लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश है। नव वर्ष की बधाई देते हुए उन्होंने लोकतंत्र को बचाने की जिम्मेदारी सबकी बताई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में SIR के दौरान आत्महत्या करने वाले दो बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के परिजनों को 2-2 लाख रुपये के चेक सौंपे। यह सहायता सपा की कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है, जो सरकार की कमियों को उजागर करने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा प्रदान कर रही है। अखिलेश के इस कदम से सपा की जन-केंद्रित छवि मजबूत हुई है, जो विपक्ष की भूमिका को प्रभावी ढंग से निभा रही है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातें: SIR पर उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उत्तर प्रदेश में SIR के दौरान 3 करोड़ वोट काटे गए हैं। उन्होंने बताया कि लिस्ट आने से पहले ही मुख्यमंत्री ने 4 करोड़ वोट कटने की बात कही थी, जो साजिश का संकेत है। एक भाजपा पूर्व सांसद ने भी कहा कि जिलों में और वोट काटेंगे। अखिलेश ने चुनाव आयोग की क्रेडिबिलिटी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने निर्देश दिए हैं कि हर बूथ पर 200 वोट बढ़ाएं। अधिकारियों को जिलों में भेजा जा रहा है, लेकिन उनकी कोई सूची नहीं है।

उन्होंने रामपुर उपचुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि वहां पुलिस लाठी चला रही थी और कुंदरकी में पुलिसवाले सादी वर्दी में वोट डाल रहे थे। अखिलेश ने मांग की कि उत्तर प्रदेश में इतना डिफरेंस होने के चलते चुनाव आयोग वोटर लिस्ट को आधार से लिंक करें। ग्रामीण और विधानसभा चुनाव में वोटर संख्या में 4 करोड़ का फर्क है, जबकि बीएलओ एक ही हैं। ग्रामीण चुनाव की लिस्ट देर से आने पर संदेह जताया।

BLO परिजनों को सहायता: सपा की संवेदनशीलता का प्रमाण

प्रेस कॉन्फ्रेंस में SIR के दौरान आत्महत्या करने वाले दो बीएलओ के परिजनों को 2-2 लाख रुपये के चेक सौंपे गए। अखिलेश ने कहा कि सबसे बड़े प्रदेश में SIR में कर्मचारी के साथ पार्टी के लोग थे, लेकिन किसी ने विरोध नहीं किया। यह सहायता सपा की कर्मचारियों और उनके परिवारों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इससे प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा मिला और सपा की छवि मजबूत हुई, जो विपक्ष के रूप में जनता की आवाज उठा रही है।

चुनाव आयोग की क्रेडिबिलिटी पर सवाल: फर्जी वोट और इलेक्टोरल बॉन्ड का जिक्र

अखिलेश ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड से भाजपा को चंदा देने वाली कंपनी को चुनाव आयोग ने ऐप बनाने का काम दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के अधिकारीयों को सुनवाई के लिए जिलों में भेजा गया है। वोट डिलीट किए जाएंगे और भाजपा के फर्जी वोट जोड़े जाएंगे। 2 करोड़ वोट अनमैप्ड कर दिए गए हैं, इनको नोटिस कर जवाब मांगा जाए।

उन्होंने मांग की कि BLO की मौजूदगी में सुनवाई हो और वोटर लिस्ट चस्पा की जाए। चुनाव आयोग संज्ञान ले और वोट को डबल-ट्रिपल करने की जांच करे। यह आरोप लोकतंत्र की रक्षा के लिए सपा की सजगता को दिखाते हैं, जो चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में योगदान दे रही है।

वोटर लिस्ट कटौती के आंकड़े: एक तुलनात्मक नजर

अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में वोटर लिस्ट कटौती पर उठाए गए सवालों को समझने के लिए यहां मुख्य आंकड़े दिए गए हैं:

विवरणआंकड़े
SIR में कटे वोट3 करोड़ (अखिलेश का आरोप)
मुख्यमंत्री का पूर्व बयान4 करोड़ वोट कटने वाले हैं
ग्रामीण vs विधानसभा वोटर संख्या फर्क4 करोड़
अनमैप्ड वोट2 करोड़
हर बूथ पर बढ़ाने का आरोप200 वोट

यह तालिका वोटर लिस्ट से जुड़े मुख्य आंकड़ों को स्पष्ट करती है, जो चुनाव आयोग की क्रेडिबिलिटी पर सवाल उठाती है।

रामपुर उपचुनाव पर दावा: पुलिस की भूमिका पर सवाल

अखिलेश ने रामपुर उपचुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि वहां पुलिस लाठी चला रही थी और कुंदरकी में पुलिसवाले सादी वर्दी में वोट डाल रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में इतना डिफरेंस होने के चलते चुनाव आयोग वोटर लिस्ट को आधार से लिंक करें। ग्रामीण चुनाव की लिस्ट देर से आने पर संदेह जताया। यह दावा सपा की चुनावी प्रक्रिया पर नजर रखने की सक्रियता को दर्शाता है, जो लोकतंत्र की रक्षा में योगदान दे रही है।

निष्कर्ष: लोकतंत्र की रक्षा में सपा की भूमिका महत्वपूर्ण

अखिलेश यादव की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस लोकतंत्र की रक्षा और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को बुलंद करती है। 3 करोड़ वोट कटने का आरोप और चुनाव आयोग पर सवाल उठाकर सपा ने विपक्ष की जिम्मेदारी निभाई है। BLO परिजनों को सहायता देकर पार्टी ने मानवीय संवेदना दिखाई है। नव वर्ष की बधाई के साथ लोकतंत्र बचाने की अपील से सपा की जन-केंद्रित सोच उजागर हुई है। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस चुनावी राजनीति को नई दिशा देगी और जनता को जागरूक करेगी। यदि चुनाव आयोग इन सवालों पर संज्ञान लेगा, तो लोकतंत्र और मजबूत होगा। सपा के प्रयासों से जनता को पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया का लाभ मिलेगा, जो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बनाएगी।

हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें

ये भी पढ़ें: लखनऊ-सुल्तानपुर एनएच-56 का फोरलेनिंग प्रोजेक्ट समय पर पूरा: PRAGATI की निगरानी से सुलझी चुनौतियां, 2016 करोड़ की लागत से पूर्वी यूपी को मिली नई गति

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest

spot_img
spot_img

More articles

spot_img
spot_img