लखनऊ, 04 अगस्त (वेब वार्ता)। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। लगातार हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। कार्यवाही समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए उसके आचरण को सदन की गरिमा और लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध बताया।
संवाददाताओं से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की जनता ने विधानसभा में विपक्ष और समाजवादी पार्टी का व्यवहार देखा है। उनके अनुसार विपक्ष का आचरण न केवल सदन की अवमानना है, बल्कि यह अलोकतांत्रिक और अत्यंत शर्मनाक भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा का संचालन निर्धारित नियमों और संसदीय परंपराओं के अनुसार होता है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली के नियम 59 के तहत ऐसे मामलों पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती जो किसी न्यायाधिकरण या आयोग के समक्ष विचाराधीन हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल विशेष परिस्थितियों में, यदि विधानसभा अध्यक्ष यह संतुष्ट हों कि चर्चा से जांच प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी, तभी अनुमति दी जा सकती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इन नियमों की अनदेखी करते हुए अयोध्या राम मंदिर से जुड़े उस विषय को सदन में उठाने का प्रयास किया, जो न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का व्यवहार न केवल विधानसभा की गरिमा के विरुद्ध है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया के प्रति भी असम्मान दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को लोकतांत्रिक संस्थाओं, सदन की मर्यादा और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए। मुख्यमंत्री के अनुसार, संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जिम्मेदार आचरण लोकतंत्र की मूल भावना है और सभी जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे सदन की गरिमा बनाए रखें। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार टकराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में आगामी बैठकों के दौरान भी सदन की कार्यवाही और राजनीतिक माहौल पर सभी की नजर बनी रहेगी।




